Contract for disputed bicycle stand will be canceled!

    ठाणे. ठाणे महानगरपालिका (Thane Municipal Corporation) के राजस्व को डुबाने वाले विवादित साइकिल स्टैंड (Bicycle Stand) ठेकेदार कंपनी के ठेका को रद्द (Contract Canceled) किया जाएगा। संबंधित ठेकेदार कंपनी ने शहर में स्थित नागरिकों के लिए किराए पर साइकिल मुहैया कराने के नाम पर करोड़ों रुपए विज्ञापन से कमा चुकी है। भाजपा (BJP) सहित कई विभिन्न दलों के विरोध के चलते मनपा प्रशासन ने ठेका रद्द करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए महासभा में मंजूरी लाया जाएगा। बता दें कि भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा मृणाल पेंडसे ने इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए कंपनी के ठेके को रद्द किए जाने की मांग की थी।  

    उल्लेखनीय है कि नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ठाणे शहर स्मार्ट सिटी के तहत साइकिल स्टैंड तैयार करने का निर्णय मनपा प्रशासन ने लिया था। इसके तहत साल 2016 में मनपा प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें बताया गया था कि पीपीपी के तहत शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बस स्टॉपों के बगल में 50 साइकिल स्टैंड बनाया जाएगा। इसके निर्माण से लेकर खर्च तक सभी जिक्वमेदारी ठेकेदार कंपनी मे. न्यू. एज. मीडिया पार्टनर प्रा. लि. को दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को मनपा की महासभा ने भी 20 अक्टूबर 2016 को मंजूरी दे दी थी। 

    बिना शुल्क के उपलब्ध कराया स्थान

    मंजूरी मिलने के बाद मनपा ने संबंधित कंपनी को साइकिल स्टैंड के लिए पचास स्थानों को बिना किसी से शुल्क के उपलब्ध कराया। इतना ही नहीं खेवरा सर्कल के पास मनपा की इमारत में दो मंजिल भी निशु:ल्क मुहैया कराई गई। साथ ही साइकिल स्टैंडों पर लगने वाले विज्ञापनों होर्डिंगों से मनपा की तरफ से किसी तरह की भी शुल्क वसूली नहीं की गई। इसके ऐवज में संबंधित कंपनी ने मनपा को बीते ढाई सालों में केवल पांच सौ साइकिल मुहैया कराईं, जिसकी कीमत करीब 17 लाख 50 हजार रुपए बताई गई। दूसरी तरफ महासभा में जिस समय प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, उस समय बताया गया था कि प्रस्ताव एक कंपनी के नाम पर तैयार हुआ, जबकि समझौता दूसरे कंपनी के साथ हुआ। 

    प्रस्ताव प्रशासन ने तैयार किया 

    भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा मृणाल पेंडसे ने कहा कि इसकी जानकारी होने के बाद मैंने प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि महासभा में मैंने आरोप लगाया था कि प्रस्ताव में करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार हुआ है। इतना ही नहीं इसे लेकर मेरे माध्यम से लगातार पत्राचार चल रहा था।  इसे गंभीरता से लेते हुए मनपा आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा के आदेश पर संबंधित कंपनी के ठेके को रद्द करने का प्रस्ताव प्रशासन ने तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए आगामी महासभा में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनपा में जारी भ्रटाचार का खुलासा वे आगे भी इसी तरह से करती रहेगी।