समान वेतन के लिए संविदा कर्मियों ने की हड़ताल

उल्हासनगर. सामान्य दिनों के अलावा कोरोना काल के दौरान भी अपनी जान की परवाह किए बिना क्षय रोग नियंत्रण अभियान में मनपा के अधीन ठेका पद्धति पर काम करने वाले कर्मचारियों ने समान वेतन, बोनस, मुंबई मनपा की तरह प्रतिदिन 300 रुपए प्रोत्साहन भत्ता व अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को मनपा मुख्यालय के द्वार पर कुछ देर के लिए धरना प्रदर्शन किया.

स्थानीय मनपा के अधीन रहकर महाराष्ट्र सरकार के राष्ट्रीय उपनगरीय स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 70 नर्स, तकनीशियन, टीबी नियंत्रण कार्यकर्ता कई वर्षों से काम कर रहे है. इन कर्मचारियों को 8 से 10 हजार रुपए  प्रति माह वेतन मिलता है.

कोविड के आने पर मनपा ने आपातकालीन अवधि के दौरान  नर्सों की भर्ती की है जिन्हें  30,000  से 40,000 रुपए तक भुगतान किया जा रहा है. इन कर्मचारियों का कहना है कि वेतन देने में मनपा प्रशासन पक्षपात कर रहीं है जो नियम के  खिलाफ है. इससे गुस्साए कर्मचारियों ने शुक्रवार को मनपा के प्रवेश द्वार के पास हड़ताल की. सुहास बंसोडे, संजय शिरपुरकर, स्मिता ठाकरे, रूपाली चव्हाण, भारती सोनार सहित अन्य ठेका कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.

बाद में इन कर्मचारियों ने उल्हासनगर  शिवसेना नेता धनंजय बोडारे के नेतृत्व  में मनपा की अतिरिक्त आयुक्त करुणा जुइकर से मुलाकात की ब अपनी मांगों को रखा व उन्हें पूरा कराने की मांग की. अतिरिक्त आयुक्त ने इन सभी बातों को गंभीरता से सुना व उनकी भावनाओं को मनपा आयुक्त तक पहुंचाने का आश्वासन दिया.