Bhiwandi Municipal Corporation

    भिवंडी. भिवंडी महानगरपालिका (Bhiwandi Municipal) जलापूर्ति विभाग (Water Supply Department) में काम करने वाले 88 ठेकेदार कामगारों को पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इस संदर्भ में श्रमजीवी कामगार संघटना (Shramjeevi Kamgar Sangha) की तरफ से भिवंडी महागरपालिका कमिश्नर सुधाकर देशमुख को लिखित निवेदन देकर ठेकेदार कामगारों को न्याय देने की मांग की गई है।
     
    गौरतलब है कि भिवंडी महानगरपालिका के जल आपूर्ति विभाग में पिछले कई वर्षों से बोरवेल मरम्मत के काम में 27, पाइपलाइन मरम्मत के काम में 33 और वालमैन के पद पर काम करने वाले 28  कुल मिलाकर 88 ठेकेदार कामगार जलापूर्ति मेंटेनेंस विभाग में काम कर रहे हैं। सभी ठेकेदार कामगारों को काम करने पर मूल वेतन, भविष्य निर्वाह निधी, बोनस, पहचान पत्र की सुविधा नहीं मिली है। उक्त सभी कामगार नियमानुसार अनेक सुविधाओं से वंचित हैं, और इन्हें कभी भी समय पर वेतन नहीं दिया जाता है।
     
     
    इस बार भी पिछले 3 महीनों से सभी ठेकेदार मजदूर और कामगार को वेतन नहीं मिल पाया है, जिसके कारण उनके परिवार पर भुखमरी का संकट आ गया है। उक्त जानकारी मिलने के बाद श्रमजीवी संगठन के पदाधिकारी महेंद्र नामखुडा ने आयुक्त के समक्ष लिखित निवेदन देकर सभी मजदूरों को वेतन देने की मांग की है। शिष्टमंडल में हिरामण गुलवी, गुरुनाथ वाघे, जीतेंद्र सुतार, उज्जवला शिंपी, स्वाति शिंदे आदि पदाधिकारी शामिल थे।
     
     
    इस मुद्दे को लेकर संगठन की तरफ से महानगर पालिका के सामने आज प्रदर्शन किया जाने वाला था, लेकिन भिवंडी माहानगरपालिका आयुक्त नए-नए आये हैं, इसलिए ऐसा महसूस किया गया कि इस संदर्भ में उन्हें पूरी जानकारी नहीं है इसीलिए आंदोलन को रद्द कर, आयुक्त के समक्ष निवेदन देकर उनके सामने समस्या को रखा गया है। इस संदर्भ में संगठन के पदाधिकारी महेंद्र नामखुडा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि 15 दिन के अंदर हमारी मांग पर गंभीरता से विचार कर कार्रवाई नहीं की गई तो माहानगरपालिका मुख्यालय के सामने उग्र आंदोलन किया जाएगा।