दुकानों को 10 बजे तक शुरू रखने की मांग

उल्हासनगर. शहर की दुकानों को रात 10 बजे तक खुली रखने की अनुमति दिए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। दुकानदारों का दबी जुबान से कहना है कि मनपा व पुलिस प्रसाशन को होटल और दुकानदारों को समान समझना चाहिए और दोनों के बीच भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।  

इस विषय को लेकर शहर के अलग अलग बाजार के तकरीबन 10 दुकानदारों से बातचीत करने पर सभी का कहना है कि समय सीमा बढ़नी चाहिए।  इसके पीछे का तर्क उन्होंने यह दिया कि उल्हासनगर शहर में अन्य शहरों के लोग खरीददारी करने के लिए बड़े पैमाने पर आते हैं। दुकानें जल्दी बंद होने की परेशानी का सामना बाहरी ग्राहकों को ज्यादा करना पड़ता है। जो कार व रिक्शे में किराया खर्च कर शहर के मार्केट आते हैं, रात 9 बजे दुकानों के बंद होने  से बाहरी ग्राहकों को काफी नुकसान होता है। इसलिए समय सीमा बढ़नी ही चाहिए। 

होटल वालों की तरह दुकानों को भी 10 बजे तक चालू रखने की अनुमति मिले : दीपक छतलानी

उल्हासनगर ट्रेड एसोसिएशन (UTA) के कार्याध्यक्ष दीपक छतलानी ने इस मुद्दे पर कहा कि कोरोना के प्रारंभिक समय से अन्य शहरों की तरह उल्हासनगर मनपा क्षेत्र के भी सभी होटल बंद थे। 5 अक्टूबर से हॉटेल्स, रेस्टोरेंट, फ़ूडकोर्ट और बार को नियम व शर्तों के आधार पर सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक शुरू रखने की परमिशन उल्हासनगर मनपा आयुक्त डा. राजा दयानिधि द्वारा दी गयी है।

इसी  तरह से शहर के दुकानदारों को भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। यूटीए नेता दीपक छतलानी के अनुसार जिस प्रकार होटल वालों को रात 10 बजे तक का टाइम निश्चित किया गया है उसी तर्ज पर कपड़े, लकड़ी के फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी, स्टील फर्नीचर, रेडीमेड, मिठाई, किराना, हार्डवेयर आदि दुकानों को रात 10 तक समय दिया जाना चाहिए।