खाड़ी में गिरे खम्भों को खड़ा कर बिजली सेवा की बहाल

ठाणे. महावितरण तूफान से बाधित बिजली आपूर्ति को शुरू करने के लिए जोरशोर से जुटा हुआ है. अलीबाग के पेण उपविभाग के पांडापूर शाखा अंतर्गत शिहू भेणसे भाग स्थित   ज्योतीरपाड़ा, शिहू, भेणसे, माली,  मुंडनी, आंबेराई समेत अनेक गांव अंधेरे में थे. लेकिन महावितरण पांडापूर कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारियों ने धराशायी हो गए खम्भों को एक दिन में खड़ा करके दुसरे दिन शिहू-भेणसे भाग की आपूर्ति शुरू करने में सफलता हासिल की.

पांडापूर शाखा के सहायक अभियंता शुभम उमप व उनके 11 सहयोगी समेत पालघर से मदद के लिए आये 2 सहायक अभियंता पराग शिरधनकर, निखील बिरनाले और अन्य कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति पूर्ववत करने का काम शुरू किया. शिहू भेणसे भाग के 10, 12 खंभे खाड़ी में होने के कारण उनके खड़ा करना बेहद कठिन  काम था. ग्रामीणों ने इसका काम के लिए प्रयास किया और खम्भों को खड़ा करने के लिए मनुष्य बल भी उपलब्ध कराया.

ज्योतिरपाड़ा के सरपंच दत्ता तारे, पूर्व उपसरपंच नरेश पाटिल, शीहू के सरपंच सुजीत गुदमाले भेणसे गांव के सरपंच उद्धव कुथे ने अपने गांव के 55, 60 युवकों को बोट से लाकर खम्भों को खड़ा करवाने में  महावितरण के कर्मचारियों की मदद की. इसके साथ ही उन्होंने खानपान की भी व्यवस्था किया. साधारणतः एक खंभे का वजन 350 किलो था, जिसको खाड़ी में खड़ा करने के लिए अधिक  मनुष्य बल की जरूरत थी. लेकिन ग्रामीणों के चलते इसकी जरूरत नहीं पड़ी. मिले सहयोग के चलते पांच छः दिन में होने वाला काम मात्र दो दिन में पूरा करके महावितरण ने बिजली आपूर्ति शुरू कर दिया. जिससे अंधेरे में डूबे हुए गांवों में रौनक लौट आई, और लोगों ने राहत की सांस ली.