Employees of the Municipal Corporation, who came to demolish the Sai Shakti building, had to return, people protested

    उल्हासनगर. जर्जर और अति धोखादायक बिल्डिंगों को तोड़ने का काम उल्हासनगर महानगरपालिका (Ulhasnagar Municipal Corporation) द्वारा किया जा रहा है। जब कैम्प क्रमांक-2 (Camp No.-2) स्थित साईं शक्ति अपार्टमेंट (Sai Shakti Apartment) को तोड़ने के लिए महानगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे तो साईं शक्ति अपार्टमेंट के फ्लैट धारकों ने जमकर विरोध किया।  जिससे महानगरपालिका के कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा।

    उल्हासनगर में 28 मई की रात ऊक्त बिल्डिंग का स्लैब गिरने की वारदात हुई थी। साईं शक्ति अपार्टमेंट 5 मंजिल की है। जिसमें 29 फ्लैट थे, उसके 5 वें माले का स्लैब नीचे के सभी मालों पर गिरने से मलबे के नीचे दबकर 7 लोगों की मौत हो गयी थी। उल्हासनगर में अतिधोकादायक इमारतों को तोड़ने की प्रक्रिया महानगरपालिका द्वारा शुरू है। 

    15 दिन में खुद तोड़ने का दिया आश्वासन

    इसी के चलते महानगरपालिका अधिकारी अपने दलबल सहित साईं शक्ति इमारत तोड़ने की प्रक्रिया शुरुआत करने गए तो इमारत वासियों ने हंगामा किया, विरोध करते हुए कहा कि उक्त इमारत को 15 दिन में हम लोग खुद अपने ठेकेदार के माध्यम से तोड़ लेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, महानगरपालिका द्वारा जब कोई धोकादायक इमारत तोड़ी जाती है तो उसके खर्चे की वसुली भी मनपा बिल्डिंग वालों से ही करती है। ऐसे समय में फ्लैट धारकों द्वारा सुझबुझ दिखाते हुए उन्होने स्वयं तोड़ने का निर्णय लिया है। इमारत तोड़ने के बाद उससे निकलने वाले लोहे की सरिए व दरवाजों, खिड़कियों से लाखों रुपए मिल भी सकते है। सही तरीके से अपना सामान भी इमारतवासी बाहर निकलवा सकते है।