लॉकडाउन में EPFO ने निपटाए 2.20 लाख दावे, बांटे 958 करोड़ रुपए

  • 71,547 स्पेशल कोविड क्लेम
  • तीन दिन के अंदर हुआ ताबड़तोड़ निपटारा

नवी मुंबई. रिटायरमेंट फंड बॉडी कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन अर्थात ईपीएफओ के वाशी रीजनल ऑफिस ने अपने सदस्यों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लॉकडाउन के दौरान कुल 2,20,627 पीएफ क्लेम का सेटलमेंट और इसके जरिए 958 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का वितरण किया है.

रीजनल पीएफ कमिश्नर रंजन कुमार साहू ने बताया कि इस दौरान 58,157 पेंशन भोगियों को हर महीने की शुरुआत में पेंशन भी रिलीज की जाती रही. लॉकडाउन में इतने बड़े पैमाने पर क्लेम्स के किए गए ताबड़तोड़ निपटारे को अपने आप में एक उपलब्धि मानी जा रही है.    

रंजन कुमार ने यह भी बताया कि इस दरम्यान भारत सरकार द्वारा विशेष अर्रेंजमेंट के तहत “स्पेशल कोविड क्लेम” का भी प्रावधान किया गया, जो महामारी में सदस्यों के लिए वरदान साबित हुई. इस विशेष अर्रेंजमेंट का उद्देश्य लॉकडाउन के दौरान आर्थिक रूप से मुसीबत में फंसे लोगों को त्वरित राहत पहुंचाना था, जिसमें इस एन्फोर्समेंट एजेंसी ने अपनी तरफ से हर संभव कोशिश की.

उन्होंने कहा कि वाशी रीजनल ऑफिस ने महामारी की शुरुआत से अब तक कुल कोविड कटेगरी के 71,547 क्लेम्स का निपटारा कर करीब 174 करोड़ रुपए का डिसबर्समेंट किया, जिसमें से 90 प्रतिशत क्लेम्स को महज 5 से 15 प्रतिशत स्टाफ की मौजूदगी में सिर्फ 3 दिनों के अंदर सेटल कर दिया गया. उनके अनुसार, ऐसा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर दी गई गाइडलाइन्स के अनुसार किया गया.

उन्होंने बताया कि इस दरम्यान ऑनलाइन कामकाज को और भी सक्रिय किया गया तथा मोबाइल से भेजे गए क्लेम्स का भी डिस्पोजल किया गया. इसी दरम्यान 41,000 सदस्यों के नाम बदलने या आधार सम्बन्धी अपडेशन के कामों को भी अंजाम दिया गया. इसके अतिरिक्त, वर्क फ्रॉम होम की स्थिति में भी कुल 13,121 जन शिकायतों का निपटारा फोन या ईमेल के मध्यम से किया गया.

सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संगठन 

याद रहे कि ईपीएफओ विश्‍व में सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संगठन है और अपने सदस्‍यों से संबंधित 19.34 करोड़ खातों (वार्षिक रिपोर्ट 2017) का रख रखाव कर रहा है. ईपीएफओ का उद्देश्य देश के सभी कामगारों के लिए भविष्‍य निधि, पेंशन तथा जीवन बीमा के माध्‍यम से अनिवार्य आधार पर सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा का कवरेज प्रदान करना है.