अस्ताचल सूर्य को छठ व्रतियों का पहला अर्घ्य

नवी मुंबई. कोरोना लॉकडाउन ने उत्तरभारतीयों के महापर्व छठपूजा पर भी अपना असर डाल दिया है. इस बार  सार्वजनिक तौर पर तालाब घाटों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं होने से अधिकांश छठ व्रतियों ने अपने घरों की छतों पर ही सूर्य देव का अपना पहला अर्घ्य दिया.वहीं स्लम इलाकों में कुछ एक तालाबों पर छठव्रती महिलाएं नजर आयीं हालांकि अधिक लोगों ने छठपूजा घर से ही की. कोरोना संक्रमण के चलते ऐसा पहली बार हुआ जब घाटों पर मनाया जाने वाला छठ पर्व को व्रतियों ने मजबूरन घर पर रहकर मनाया.

घाटों पर एनसीपी नेताओं की जागरूकता

इस दौरान हिन्दीभाषी नेता एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस के पनवेल शहर उपाध्यक्ष आरएन यादव कुछ घाटों पर भेंट देकर जागरूकता फैलाते नजर आए. उन्होंने पुलिस की भूमिका को सराहते हुए कहा कि बहुत सारे लोग नहीं जानते कि सार्वजनिक तौर पर इस बार तालाबों पर छठपूजा मनाने की अनुमति नहीं है. ऐसे लोगों को उन्होंने सावधानी बरतने और पुलिस को सहयोग करने की अपील की. पुलिस भी जागरूकता फैलाती और लोगों को समझाती दिखी.

पूर्व महापौर ने बनाया कृत्रिम तालाब

पुलिस पाबंदियों को देखते हुए रबाले के आंबेडकर नगर, कातकरी पाड़ा प्रभाग 19 एवं प्रभाग 20 में पूर्व महापौर सुधाकर सोनावणे ने छठ व्रतियों की सुविधा के लिए कृत्रिम तालाब उपलब्ध कराए. इससे महिलाओं को तालाबों पर जाने  की जरूरत नहीं पड़ी. दोनों प्रभागों में 7 से 8 ठिकानों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए थे जहां छठव्रती महिलाओं ने सूर्यदेव को अपना पहला अर्घ्य देकर अपनी  पूजा की. नवी मुंबई में अनूठी पहल  करने वाले पूर्व मेयर के प्रति हिन्दीभाषी महिलाओं ने आभार जताया.