कोरोना का मुफ्त उपचार किया जाए

  • NCP की सरकार से मांग

कल्याण. राज्य में एक तरफ कोरोना का प्रभाव बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ निजी अस्पतालों में नागरिकों को उपचार के नाम पर लूटा जा रहा है. यह लूट रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार को  कोरोना मरीजों का उपचार मुफ्त करना चाहिए और लॉकडाउन काल का भारी भरकम बिजली बिल आधा माफ करना चाहिए. ऐसी मांग एनसीपी के पूर्व प्रदेश सचिव नोवेल सालवे ने एक पत्र के माध्यम से सरकार से की है.

लाकडाउन से नागरिक बेहाल

सालवे ने कहा कि लॉकडाउन के चलते अनेक लोग बेरोजगार हो गए, उनका कामधंधा, नौकरी चली गई है और उनके परिवार के सामने भूखों रहने की नौबत आ गई है. राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि कोरोना ग्रस्त प्रत्येक नागरिक को मुफ्त उपचार मिलेगा, लेकिन अब परिस्थिति अलग है. राज्य सरकार ने लॉकडाउन लगाते समय कहा था कि जो परिवार किराये के घर में रहते हैं और जो दुकानदार किराये की दुकान में व्यवसाय करते हैं उनको लॉकडाउन के दौरान का किराया देने की जरूरत नही हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ. उल्टा काफी संख्या में मकान, दुकान मालिकों ने किराया नहीं देने पर अपनी जगह खाली करने की चेतावनी दे दी है. कुछ लोग तो लॉकडाउन के दौरान ही बेघर हो चुके हैं.

आधा बिजली बिल माफ हो

एनसीपी पदाधिकारियों ने मांग की है कि बहुत कुछ गंवा चुके नागरिकों पर सहानुभूति दिखाते  हुए सरकार को आधा बिजली बिल माफ़ करना चाहिए और कोरोना मरीजों का उपचार मुफ्त कराना चाहिए. इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के पूर्व  प्रदेश महासचिव  पारसनाथ तिवारी, सुभाष गायकवाड, पूर्व नगरसेवक प्रकाश तरे, रमेश गंगावणे, शरद गवली आदि पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.