पांडवकालीन शिवमंदिर के लिए 43 करोड़ रुपए की निधि मंजूर

कल्याण. भारीतय इतिहास की धरोहरों में से एक अंबरनाथ के शिव मंदिर को पांडवकालीन मंदिर माना जाता है, यह मंदिर प्राचीन हिन्दू शिल्पकला की नायाब मिसाल है. इसे ग्यारहवीं शताब्दी के मध्य में 1060 ईस्वी में बनाया गया था, जिसका निर्माण राजा शिलाहार ने करवाया था. हजार साल पुराने इस मंदिर के सौंदर्यीकरण का बीड़ा कल्याण के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने उठाया है, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने 43 करोड़ रुपए निधि मंजूर की है।

कल्याण के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने बताया कि प्रथम चरण में सुशोभीकरण के लिए 20 करोड़ खर्च किया जाएगा, जिसमें शिव मंदिर का संपूर्ण प्रांगण का सौंदर्यीकरण होगा. दूसरे चरण में मंदिर के विकास में 23 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है, जिसमें भव्य मुख्यद्वार, आधुनिक बस स्टाप, आने वाले शिव भक्तों  के पहुंचने के लिए सड़कों का नवीनीकरण और प्राचीन कुंड के सुशोभीकरण के साथ संपूर्ण क्षेत्र को विकसित किया जाएगा. 

सांसद शिंदे ने कहा कि यह प्राचीन धरोहर है और इसे संजोये रखना हम सभी का कर्तव्य है. हजार साल पुराने इस मंदिर की काफी बड़ी मान्यता है और हर साल श्रावण माह में विशाल मेला लगता है, जिसमें भक्तों का तांता लगा रहता है.