Give estimated bill to patients 48 hours in advance, NMMC commissioner's instructions to private hospitals

    नवी मुंबई. निजी अस्पतालों (Private Hospitals) में कोरोना (Corona) का उपचार (Treatment) कराने वाले मरीजों (Patients) और उनके परिजनों का आर्थिक शोषण नहीं होने पाए। इसके लिए मनपा कमिश्नर ने मनपा क्षेत्र में कोरोना के मरीजों का उपचार करने वाली सभी अस्पतालों को मरीज के डिस्चार्ज होने  से 48 घंटे पहले ही उपचार की राशि का अनुमानित बिल (Estimated Bill) देने का निर्देश दिया है। ताकि अस्पतालों से मिले बिल के बारे में यदि मरीज या उनके परिजनों की कोई शिकायत है तो उसका निपटारा किया जा सके।

    गौरतलब है कि कोरोना की पहले लहर के दौरान मनपा कमिश्नर अभिजीत बांगर ने उपचार बिल के मामले में निजी अस्पतालों के द्वारा की जा रही मनमानी को रोकने के लिए कोविड उपचार बिल शिकायत समाधान केंद्र शुरू किया गया था।कोरोना की दुसरी लहर के दौरान मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मनपा कमिश्नर बांगर ने इस केंद्र को फिर से शुरू कराया है। जिसमें निजी अस्पतालों के द्वारा कोरोना के मरीजों को दिए जाने वाले उपचार बिल का लेखा परीक्षण किया जाएगा।

    आदेश का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

    सरकार के द्वारा तय की गई उपचार राशि से ज्यादा राशि लेने का मामला सामने आने पर ऐसी अस्पतालों के द्वारा वसूली गई अतिरिक्त राशि को मनपा के उक्त केंद्र के माध्यम से मरीज व उसके परिजनों को वापस दिलाया जाएगा। इसके लिए मनपा कमिश्नर ने अब कोरोना के मरीजों को डिस्चार्ज देने के 48 घंटे पहले ही अनुमानित बिल मरीज या उसके परिजनों को देने का निर्देश सभी निजी अस्पतालों के व्यवस्थापकों को दिया है। साथ ही उपचार के अनुमानित बिल को मनपा के ईमेल- cbcc@nmmconline.com भेजने का आदेश भी सभी निजी अस्पतालों को दिया है। जिसका पालन नहीं करने वाली अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी उन्होंने निजी अस्पतालों को दी है।