कर्जदारों को 4 या 5 महीने का और समय दें, मनसे की मांग

  • निजी क्षेत्र की फायनेंस कंपनियां अपने ग्राहकों को कर्ज की किश्ते भरने की जोर जबरदस्ती न करें

उल्हासनगर. उल्हासनगर शहर की पहचान लघुउघोग नगरी के रूप में की जाती है. छोटे कारोबार करने वाले भी बड़ी संख्या में है. इन्होंने अपने व्यवसाय को चलाने के लिए किसी ने राष्ट्रीयकृत बैंकों तो छोटे कारोबारियों ने पतपेढ़ी व निजी क्षेत्र की फायनांस कंपनियों से लोन लिया हुआ है. अब निजी क्षेत्र के लोग अपने ग्राहकों से लोन के पैसों को भरने का तकादा कर रहे है जिससे लोग परेशान है. छोटे कर्जदारों को अगले 4 – 5 महीने की किश्त न भरने की छूट देने की मांग महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने की है. 

इस संदर्भ में उल्हासनगर शहर मनसे के शहर संगठक मैनुद्दीन शेख ने बताया कि कोरोना के शुरुवाती समय में सरकार ने एक आदेश जारी कर 31 अगस्त तक कर्ज की किश्ते न मांगने का आदेश निकाला था. अब सितंबर शुरू होते ही बैंकों, पतपेढ़ी व निजी फाइनेंस कंपिनियों ने बकाया रुपयों की वसूली शुरू कर दी है. मनसे नेता शेख का कहना है कि कोरोना के प्रभाव का असर अभी भी बाजार में है.छोटे कारोबारी आज भी अपना घर चलाने के लिए परेशान है तो वह लोग बैंकों को कहा से अपनी किश्ते भरेंगे. इसलिए आगामी 4 या 5 महीने तक की ओर ढील मिलनी चाहिए. 

इस मांग को लेकर बुधवार की सुबह मनसे के शहर संगठक मैनुद्दीन शेख, सह-सचिव प्रवीण मालवे, वाहतूक सेना के शहर अध्यक्ष कालू थोरात, विभाग अध्यक्ष बादशहा शेख, अक्षय धोत्रे, उप-विभाग अध्यक्ष जाफर शेख, शाखा अध्यक्ष मॅक्स लोखंडे आदि मनसे के पदाधिकारियों ने स्थानीय उप विभागीय अधिकारी जगतसिंग गिरासे तथा डीसीपी कार्यालय जाकर उक्त मांग को लेकर निवेदन दिए तथा  निवेदन में लिखी उनकी भावनाओं को संबंधित विभाग व बैंकों को सरकारी महकमे के माध्यम से पहुंचाने की अपील की.