आर्केस्ट्रा कलाकारों को कोविड केयर सेंटर में मनोरंजन का मौका दें

नवी मुंबई. वाशी के रघुलीला हाल में आयोजित तीसरे मुक्त व्यासपीठ में नवी मुंबई परिक्षेत्र के आर्केष्ट्रा चालकों, गायक संगीतकारों और कलाकारों ने अपनी आवाज बुलंद की. भाजपा नेता दशरथ भगत के इस मुक्त व्यासपीठ पर अपनी व्यथा सुनाते हुए गायक प्रवीण कदम, कलाकार रामनाथ म्हात्रे एवं इवेंट आयोजक राजेश नाईक एवं किरण भोर ने कहा कि 6 महीनों से कामधंधा ठप्प होने से उनके सामने जीने और मरने की नौबत आ  गयी है. आर्थिक हालत इतनी खराब है कि बच्चों को पढ़ाने, ईलाज कराने और परिवार चलाने की भी मुसीबत है.

ऐसे में उन्होंने सरकार से गुहार लगाई कि जब दारू की दुकानें, होटल और कारोबार कोरोना काल में चल सकते हैं, बसें ठसाठस दौड़ सकती हैं और एपीएमसी में हजारों की भीड़ के साथ कारोबार हो सकता है तब आर्केष्ट्रा क्यों नहीं चल सकता. आखिर नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम क्यों नहीं हो सकते. लेकिन सरकार है कि फिल्मी कलाकारों और अभिनेताओं पर ज्यादा ध्यान दे रही है जो हर साल करोड़ों रुपए कमाते हैं लेकिन श्रमजीवी कलाकारों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है जो 6 महीनों के लॉकडाउन के कारण भूखमरी और आत्महत्या की कगार पर पहुंच गए हैं. मुक्त व्यासपीठ का आयोजन नवी मुंबई पुनर्वसन सामाजिक संस्था द्वारा पीड़ित नागरिकों को मुक्त मंच  देने के मकसद से किया गया था.

ताकि कलाकार भी जिन्दा रहें : निशांत भगत

इस अवसर पर युवा नेता निशांत भगत ने कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण रोकने और रोगियों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तमाम उपाय सुझा रही है.मनोरंजन के लिए शहर के सभी कोविड केयर सेंटर में टीवी लगाए गए हैं ताकि कोरोना मरीज खुशनुमा मूड में रहें. लेकिन उससे बेहतर है कि रोजी रोटी के लिए मोहताज कलाकारों को इन कोविड केयर सेंटरों में मनोरंजन का मौका दिया जाए तो दोनों लक्ष्य साध्य हो सकते हैं. इससे जहां रोगियों का मनोबल बढ़ेगा और मनोरंजन होगा वहीं बेकार कलाकारों को रोजी रोटी मिल सकेगी. निशांत भगत ने जल्द ही मनपा आयुक्त के समक्ष यह सुझाव रखने और उस पर सकारात्मक पहल करने की मांग करने वाले हैं.