Lockdown during Corona epidemic has created an atmosphere of helplessness and gloom: High Court

    भिवंडी. मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) नें भिवंडी महानगरपालिका (Bhiwandi Municipal Corporation) द्वारा बकरीद पर्व (Bakrid Festival) के निमित्त जानवरों की कुर्बानी हेतु मंजूरी दिए गए 38 अस्थाई स्लाटर हाउस (Slaughter House) निर्माण को तत्काल प्रभाव से स्टे जारी किया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) नें मैत्री जीव ट्रस्ट (Maitri Jeev Trust) की याचिका पर महानगरपालिका प्रशासन को स्टे आर्डर जारी कर अस्थाई कुर्बानी सेंटरों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर के नागरिकों के समक्ष बकरीद पर्व में कुर्बानी किए जाने को लेकर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। आदेश के उपरांत महानगरपालिका  प्रशासन द्वारा परिपत्र जारी कर कुर्बानी सेंटर निर्माण पर फौरन रोक लगा दी है और मुस्लिम समाज से स्थाई स्लाटर हाउस दरगाह रोड पर कुर्बानी किये जाने की गुजारिश की है। 

    गौरतलब है कि भिवंडी महानगरपालिका द्वारा बकरीद पर्व हेतु मुस्लिम समुदाय द्वारा जानवरों की कुर्बानी किए जाने की खातिर शहर स्थित विभिन्न भागों में 38 अस्थाई स्लाटर हाउस की मंजूरी प्रदान की गई थी। महानगरपालिका द्वारा अस्थाई स्लाटर हाउसों पर अस्थाई व्यवस्था किए जाने का काम भी शुरू किया गया था।  3 दिन पूर्व दी गई महानगरपालिका की मंजूरी के उपरांत ही जीव मैत्री ट्रस्ट पदाधिकारी विनोद कोठारी द्वारा मुंबई हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश के पास रिट याचिका दाखिल कर कोरोना संक्रमण प्रसार समय काल में अस्थाई स्लाटर हाउस को मंजूरी दिए जाने पर गंभीर प्रश्न उठाया था और  महानगरपालिका की मंजूरी पर तत्काल अंतरिम आदेश पारित किया जाने की मांग की थी। जीव मैत्री संस्था की याचिका पर हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश ने कोरोना संक्रमण प्रसार संकटकाल में भिवंडी महानगरपालिका  द्वारा बकरीद त्यौहार के निमित्त दी गई अस्थाई स्लाटर हाउस की मंजूरी को तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।  हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का एसपीसीए सदस्य और समस्त जैन महासंघ भिवंडी संयोजक अशोक जैन नें स्वागत किया है। 

    संबंधित संदर्भ में महानगरपालिका कमिश्नर सुधाकर देशमुख का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पूर्णतया  पालन किया जाएगा। भिवंडी महानगरपालिका  द्वारा 38 अस्थाई स्लाटर हाउस की  मंजूरी हाईकोर्ट के आदेश के उपरांत फौरन रद्द कर दी गई है। शासन द्वारा मंजूर ईदगाह स्थित स्लाटर हाउस पर ही कुर्बानी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यथा संभव प्रतीकात्मक कुर्बानी किए जाने का निर्देश महानगरपालिका प्रशासन द्वारा दिया गया है। हाईकोर्ट आदेश का उल्लंघन करने वालों पर मामला दाखिल किया जाएगा।