भिवंडी में खुले चेंबरों में गिरकर लोगों के टूट रहे हाथ, पैर

  • जनहित समस्याओं को लेकर मनपा प्रशासन लापरवाह 

भिवंडी. वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में जहां लोग बीमार होकर जान गवां रहे हैं, वहीं मनपा प्रशासन की लापरवाही से अधिसंख्य लोग मार्ग के किनारे खुले चेंबरों में गिर कर हाथ-पैर तुड़वा कर उपचार की मजबूरी झेल रहे हैं. मनपा प्रशासन सब कुछ जान समझ कर भी कुंभकरण की नींद सो रहा है. शहर के लाखों नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे को लेकर मनपा प्रशासन द्वारा बरती जा रही भयंकर लापरवाही से शहर के नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है.

गौरतलब हो कि भिवंडी शहर कोरोना की चपेट में है.कोरोना संकटकाल के मद्देनजर मनपा प्रशासन द्वारा शहर के जनहित मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा जिससे शहरवासी दुख झेल रहे हैं. वैश्विक महामारी की वजह से बिगत 6 माह से शहर विकास कार्य जहां पूर्णतया ठप्प हैं, वहीं जनहित समस्याओं का निदान भी मनपा प्रशासन किये जाने में लापरवाही बरत रहा है.

 चेंबरों के ढक्कन टूट कर बिखर गए 

भिवंडी शहर में चहुँओर मार्ग किनारे सहित गटरों पर लगे तमाम चेंबरों के ढक्कन टूट कर बिखर गए हैं.मार्ग पर पैदल व दुपहिया, साइकिल से चलने वाले अधिसंख्यक लोग खुले चैंबर में गिरकर हाथ,पांव तुड़वा कर उपचार की मजबूरी झेलने को विवश हैं. बिगत 1 सप्ताह में ही शहर के प्रमुख मार्ग एसटी स्टैंड के पास खुले गटर के चैंबर में गिरकर दर्जन भर लोगों का हाथ पैर टूट चुका है.

दुर्घटना को दावत दे रहे

शहर स्थित प्रमुख क्षेत्र शिवाजी चौक,वंजार पट्टी नाका, नदी नाका,म्हाडा कालोनी, एसटी स्टैंड,आईजीएम अस्पताल, मनपा मुख्यालय के सामने, धामनकर नाका,भिवंडी कल्याण मार्ग, पद्मानगर,कामतघर, मानसरोवर, खदान रोड, नवी बस्ती, मंडई, तीन बत्ती,सौदागर मोहल्ला, आजमी नगर,दीवान शाह मार्ग, गौरीपाड़ा, समदनगर,अंजूर फाटा आदि शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे एवम गटरों पर लगाये गए चैंबरों के ढक्कन पूर्णतया टूट कर बिखर गए हैं जो दुर्घटना को दावत देते दिखाई पड़ते हैं.गैबीनगर निवासी रामसूरत उपाध्याय, दीना पाठक, मुस्तकीम अंसारी, नियाज अंसारी, सरफराज, इलियास भाई आदि गरीब पावरलूम कारीगर नारायण कंपाउंड,बावला कम्पाउंड स्थित सड़क किनारे खुले चेंबर मैं गिरकर घायल होकर उपचार करा रहे हैं.शहर के दर्जनों लोग खुले चैंबरों में प्रतिदिन गिर कर घायल हो रहे हैं बावजूद मनपा प्रशासन सब कुछ जान समझकर भी आंखे मूंदे मस्ती से कुम्भकरण की नींद सो रही है.भिवंडी की जनता चेंबरों में गिरकर घायल हो तो हो मनपा को शायद शहरवासियों की स्वास्थ्य सुरक्षा की कोई चिंता ही नही है.

शहर में करीब 5,500 चैम्बर पर ढक्कन नदारद

मनपा सूत्रों के अनुसार, शहर स्थित प्रमुख मार्गों के किनारे सहित तमाम प्रमुख नालों पर करीब 5,500 ढक्कन नदारद हैं. मनपा प्रशासन के आदेश पर क्षेत्रीय अधिकारियों ने खुले चैंबर की गिनती कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है. मनपा के एक अधिकारी नें नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मनपा कमिश्नर पंकज आसिया नें चेंबरों पर ढक्कन लगाए जाने के लिए टेंडर निकाले जाने का आदेश दिया था जो निकाला भी गया, लेकिन फिर कमिश्नर ने उक्त टेंडर को रद्द किया और फिर महानेट पर टेंडर प्रक्रिया को डाले जाने का आदेश दिया है. मनपा सूत्रों की मानें तो अगर पहला टेंडर होता तो चैंबर पर ढक्कन लग गया होता, लेकिन महानेट पर टेंडर प्रक्रिया अभी तक नहीं होने से कार्य रुक गया है.

चैंबरों को जल्द लगा दिया जाएगा

उक्त मुद्दे पर मनपा कमिश्नर पंकज आसिया ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया जल्द कर चैंबरों को जल्द लगा दिया जाएगा. कोरोना का ग्राफ घट रहा है. जरूरी विकास कार्य प्राथमिकता से अंजाम दिया जा रहा है.