online education
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    ठाणे.  वैश्विक महामारी कोरोना (Global Pandemic Corona) के पहले और दूसरे लहर (Second Wave) के संक्रमण के चलते पिछले डेढ़ सालों से स्कूल बंद है और शिक्षा (Education) वर्तमान समय में ऑनलाइन पर निर्भर है। निजी स्कूलों में जहां इस ऑनलाइन शिक्षा का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा था तो वहीं सरकारी स्कूलों (Government Schools) में नहीं मिल रहा था। लेकिन हाल में ही ठाणे महानगरपालिका शिक्षा विभाग (Thane Municipal Education Department) ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा (Online Education) के लिए प्रोत्साहन भत्ता देने का निर्णय लिया। जिसके बाद अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में ऑनलाइन में हिस्सा लेते दिखाई दे रहे हैं। अर्थात एक प्रकार से कह सकते है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों का भी ऑनलाइन शिक्षा की तरफ रुझान बढ़ा हैं।

    कोरोना की पहली लहर में ठाणे महानगरपालिका विद्यालयों के करीब 10 हजार 966 छात्र शिक्षा की धारा से बाहर हो गए थे। वहीं दूसरी लहर के बाद महानगरपालिका विद्यालय का नया शैक्षणिक वर्ष शुरू हो गया है और इनमें से कई छात्र ऑनलाइन शिक्षा में भाग ले रहे हैं। अनुपस्थित छात्रों की संख्या घटकर 2,821 हो गई है।  इन छात्रों को फिर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

     पिछले साल ठाणे महानगरपालिका के 120 स्कूलों में पहली से आठवीं तक के छात्रों की संख्या 26 हजार 966 थी।  मार्च, 2020 से स्कूलों के बंद होने से ऑनलाइन शिक्षा के लिए शिक्षा जारी रखने का रास्ता खुल गया है।  हालांकि जनवरी में पता चला कि इस ऑनलाइन शिक्षा के कारण 10 हजार 966 छात्र शिक्षा से वंचित रह गए है।  इनमें से कुछ छात्र गांव में हैं इसलिए ऑनलाइन क्लास में भाग नहीं ले पा रहे है। वहीं कुछ छात्रों के पास स्मार्टफोन नहीं है। कई ऐसी समस्याओं के कारण ये छात्र शिक्षा से दूर हैं।  ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें शिक्षा की धारा में लाने का प्रयास करने के निर्देश दिए थे।  इसी के तहत विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं।

    महानगरपालिका विद्यालयों में इस साल 11,847 लड़के और 12,612 लड़कियां पढ़ रही हैं।  कोरोना संक्रमण ने जूम, गूगल मीट, व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा दिया है। इन्हीं प्रयासों के चलते शिक्षा के प्रवाह से दूर हुए 10966 विद्यार्थियों में से 8145 विद्यार्थी पुनः ऑनलाइन शिक्षा के प्रवाह में शामिल हो चुके है जब कि अभी 2821 विद्यार्थी शिक्षा के प्रवाह से दूर है उन्हें भी शिक्षा के प्रवाह में लाने का प्रयास किया जा रहा है। महानगरपालिका अधिकारियों की मानें तो महानगरपालिका विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों को उनके गांव ले जाया गया है इसी वजह से उनकी शिक्षा रुकी हुई हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रवाह में लाने के लिए महानगरपालिका द्वारा प्रयास किया जा रहा है।