नवी मुंबई में ब्लैक आउट से लाखों का नुकसान

  • MIDC में ठप्प हुई कंपनियां

नवी मुंबई. सोमवार का दिन बत्ती गुल के कारण मुसीबतों भरा रहा. ठाणे के नजदीक कलवा-पडघा जीआईएस सेंटर में अचानक आयी तकनीकी खराबी के चलते मुंबई, ठाणे, नवी मुम्बई तथा पनवेल मनपा क्षेत्र में के आंशिक इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रही. सुबह सुबह बत्ती गुल होने से जहां घरों में पानी सप्लाई बाधित हुई वहीं दूसरे कार्य भी बूरी तरह प्रभावित हुए. न तो बच्चों की ऑनलाइन क्लास चली न ही कंपनी कारखाने ही चल सके. बिजली विभाग के इस ब्लैक आउट से लाखों के नुकसान की भी खबर है.

बंद हो गई दुकानें, होटल और रेस्टोरेंट

बता दें कि 2020 में इतने बड़े पैमाने पर ऐसा बत्ती गुल पहली बार हुआ. लॉकडाउन की शिथिलता के बीच जब लोग अपने काम धंधे पर लौटने लगे थे ऐसे दौर में दिन भर बिजली नहीं रहने से भारी नुकसान हुआ. औद्योगिक क्षेत्र में हजारों कंपनियों में घंटों तक बत्ती गुल के कारण कामगारों की छुट्टी करनी पड़ी. टीएमआईए के उपाध्यक्ष प्रकाश पडिक्कल ने कहा कि बिजली सप्लाई अचानक बंद होने का सबसे बड़ा नुकसान उन्हें हुआ जिनके पास जनरेटर बैकअप की सुविधा नहीं थी. पडिक्कल ने कहा कि एमआईडीसी करते करते दोपहर को ही बंद हो गयीं. सप्ताह का पहला वर्किंग डे होने के नाते लाईट जाने का सबसे ज्यादा असर कारोबारी इलाकों में देखने को मिला.

वाशी इलाका सबसे अधिक प्रभावित

मिली जानकारी के मुताबिक नवी मुंबई का वाशी परिक्षेत्र बत्तीगुल से सबसे अधिक बाधित हुआ. दरअसल वाशी मुख्यतः रहिवासी क्षेत्र है ऐसे में यहां बैकअप की व्यवस्था नहीं होने से पूरा इलाका बिजली सप्लाई नहीं होने से बेहाल रहा. लोग विद्युत का इंतजार करते करते घरों से बाहर निकल आए. खबर लिखे जाने तक नवी मुंबई में अधिकांश इलाकों में बिजली सप्लाई नहीं बहाल हो सकी थी.हालांकि बेलापुर, पनवेल और खारघर आदि इलाकों में 4 घंटे बाद ही आंशिक सप्लाई शुरू हो गयी थी.