पोर्ट प्रकरणों को निपटाने SAROD पोर्ट योजना लांच

नवी मुंबई. देश भर के पत्तनों पर कामकाज के दौरान स्टेक होल्डर के साथ होने वाले प्रकरणों को निपटाने और कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने लिए केन्द्र सरकार ने सरोड-पोर्ट्स योजना लांच की है. यह अपने तरह की एक विशिष्ट यंत्रणा है जो पोर्ट से जुड़े हितधारकों के बीच पैदा होने वाले विवादों एवं प्रकरणों का निपटारा करेगी. केन्द्रीय शिपिंग मंत्री मनसुख मांडविया ने इस यंत्रणा की आनलाईन लांचिंग करते हुए इसे आशा, विश्वास और न्याय का जरिया बताया. उन्होंने कहा कि सरोड पोर्ट्स के जरिए मेरीटाईम सेक्टर्स के सभी विवादों को निपटाने में बड़ी मदद मिलेगी.

इस पर जेएनपीटी के अध्यक्ष संजय सेठी ने कहा कि देश में सागरमाला परियोजना के तहत पत्तनों का तेजी से विकास हो रहा है. जाहिर है कामकाज के दौरान हितधारकों में विवाद होते हैं ऐसे में सरकार ने इन विवादों के निपटारे के लिए सरोद-पोर्ट्स मकैनिज्म प्रारंभ किया है यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इससे पत्तनों का कामकाज और भी पारदर्शी एवं गतिमान होगा.इससे कानूनी लड़ाई में लगने वाले लंबे समय की भी बचत होगी.

लैंडलार्ड मॉडल की ओर अग्रसर होंगे पोर्ट

शिपिंग सेक्रेटरी संजीव रंजन ने कहा कि हम ईज आफ डुईंग बिजनेस को बेहतर करने की कोशिश में हैं. सरोड-पोर्ट्स से जितने भी बड़े पोर्ट हैं वे लैंडलार्ड मॉडल की ओर अग्रसर होंगे. वहीं प्राइवेट सेक्टर के पोर्ट संचालकों का विश्वास बढ़ेगा जो कारोबार और रोजगार दोनों को बढ़ाने में मददगार बनेगा. बता दें कि जेएनपीटी भारत के प्रमुख कंटेनर बंदरगाहों में अग्रणी पोर्ट है. जहां सरोड के लांच होने से कामकाज गतिमान होगा.