भाजपा सरकार के कारण लोकतंत्र व संविधान धोखे में : सुभाष पिसाल

बदलापुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के कारण आज देश का संविधान व लोकतंत्र खतरे में है. यह कहना है महाराष्ट्र प्रदेश राष्ट्रवादी कांग्रेस के महासचिव सुभाष पिसाल का. पिसाल के मुताबिक यदि भाजपा सभी समाज को साथ लेकर चलने का दावा करती है तो क्या वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्य पद पर किसी ओबीसी या अन्य पिछड़े वर्ग के व्यक्ति को चुनेगी. 

एनसीपी ओबीसी सेल ठाणे जिला समीक्षा बैठक गुरुवार को यशस्विनी भवन हॉल में आयोजित की गई थी.  कोरोना की पृष्ठभूमि में इस समय सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया गया था.  एनसीपी के राज्य महासचिव सुभाष पिसाल ने मुख्य वक्ता के रूप में मार्गदर्शन देते हुए उक्त बात कही. एनसीपी ओबीसी सेल के राज्य महासचिव और कोंकण प्रभारी राज राजपुरकर, सचिव हेमंत रूमने, जिला महिला उपाध्यक्ष अनीता पाटिल,  शहर महिला अध्यक्ष अनघा वारंग, ओबीसी जिला महासचिव अनिल पाटिल आदि  मंच पर मौजूद थे. आयोजक जिलाध्यक्ष संजय कराले ने स्वागत भाषण दिया, हेमंत रूमने ने कार्यक्रम की प्रस्तावना की व संपदा सावंत ने कार्यक्रम का संचालन किया. 

राकां के प्रदेश स्तरीय नेता सुभाष पिसाल ने मंच से आगे कहा कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में, तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने चुनावी सभाओं में कहा था कि राज्य में कांग्रेस सफाया हो जाएगा व राज्य में विरोधी दल नाम की कोई चीज नहीं होगी. लेकिन राकां सुप्रीमो शरद पवार ने अपने कौशल का इस्तेमाल किया और एक चमत्कार किया. सुभाष पिसाल ने अपने भाषण में कहा कि चुनाव के बाद  स्थिति यह बनी की देवेंद्र फडणवीस को विपक्ष में बैठना पड़ा.

उन्होंने कहा कि शरद पवार में राज्य से भाजपा की सत्ता उखाड़ फेंकी. इसलिए सुभाष पिसाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी एकजुट होने और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करने की अपील की ताकि एनसीपी आगामी सभी स्थानीय निकायों में सत्ता में आ सके.

सुभाष पिसाल ने ओबीसी सेल के कोकण प्रभारी और राज्य महासचिव राज राजापुरकर के कार्य की तारीफ करते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने संगठन को मजबूत करने का जो बीड़ा उठाया था उसे वह बखूबी कर रहे हैं. पिसाल ने यह भी कहा कि भाजपा गठबंधन के पिछले पांच वर्षों के दौरान, महाराष्ट्र को बीस साल पीछे कर दिया है. राज राजपुरकर  हेमंत रुमने, संजय कराले और अन्य पदाधिकारियों ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.