धोखादायक इमारतों को लेकर मनपा प्रशासन लापरवाह

भिवंडी. भिवंडी मनपा क्षेत्र अंतर्गत 5 प्रभाग समितियों के क्षेत्र में कुल 781 धोखादायक इमारतें घोषित हैं. शहर में कुल 210 इमारतें अति धोखादायक हैं. अति धोकादायक इमारतों में करीब क़रीब 20 हजार से ज्यादा गरीब परिवार रहते हैं. प्रतिवर्ष मानसून का आगाज होते ही अति धोखादायक इमारतों में रह रहे लोगों की जीवन सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है और उन्हें रात में नींद आना बंद हो जाती है.

मनपा प्रशासन प्रतिवर्ष अति धोखादायक इमारतों की निष्कासन कार्रवाई को अंजाम दिए जाने की भागदौड़ जरूर दिखाता है, बावजूद नतीजा सिर्फ जीरो रहता है. भिवंडी में विगत 5 सालों में करीब 2 दर्जन गरीब लोग अति धोखादायक इमारतों के धराशाई होने से काल के गाल में समा चुके हैं. जून माह में बरसात के आगाज से ही अति धोखादायक इमारतों में रह रहे तमाम लोगों की जीवन सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. जागरूक शहरवासियों की निगाहें  मनपा प्रशासन की तरफ टिकी हैं कि लोगों की जीवन सुरक्षा को खतरे में डालने वाली अति धोखा दायक इमारतों पर कब मनपा प्रशासन निष्कासन की कार्रवाई को अंजाम देता है.

गौरतलब हो कि भिवंडी मनपा क्षेत्र अंतर्गत कुल 781 इमारतें धोखा दायक घोषित हैं, जिनमें 210 इमारतें अति धोखादायक अर्थात 50 वर्षों से अधिक पुरानी निर्मित पुरानी निर्मित हैं. प्रतिवर्ष बरसात के पूर्व मनपा प्रशासन के आदेश पर क्षेत्रीय वार्ड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित धोकादायक, अति धोखादायक इमारतों में रह रहे लोगों को निष्कासित किए जाने की प्रक्रिया को अंजाम देते हैं. अधिसंख्य रहिवासियों द्वारा इमारत से बाहर नहीं निकलने की हालत में मनपा अधिकारियों की टीम द्वारा पानी, बिजली जैसी जरूरी चीजें काट दी जाती हैं और लोगों को समझा-बुझाकर खाली कराया जाता रहा है. 

धोखादायक इमारतें घोषित करने में भारी कुत्सित खेल

धोखादायक इमारतें घोषित किए जाने वाली इमारतों के पीछे एक सोझी समझी साजिश का खेल भी  मनपा अधिकारियों द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से  खेला जाता रहा है. मनपा अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से धोखादायक इमारतों को किसी भी प्रकार से परिवारों से खाली करा कराते हैं एवं बाद में बिल्डरों द्वारा गगनचुम्बी इमारतें खड़ी कर मुनाफा कमाया जाता है. मनपा अधिकारियों की मिलीभगत प्रकाश में आने के बाद कुछ जागरूक रहिवासी आशियाना बचाने हेतु न्यायालय की शरण में चले जाते हैं, जिसके उपरांत मनपा अधिकारी बेबस हो जाते हैं.भिवंडी मनपा का महत्वपूर्ण शहर विकास विभाग अतिधोखादायक इमारतों के रहिवासियों से इमारत खाली कराए जाने की धमकी देकर वसूली विभाग की भूमिका से आज तक ऊपर नही उठ सका है. शहर विकास विभाग अधिकारी, कर्मचारी शासकीय कार्य को छोड़कर एकमेव वसूली कार्यों को अंजाम देकर जेबें भरने में मस्त हैं.

भिवंडी मनपा क्षेत्र अंतर्गत धोखा दायक इमारतों की सूची

मनपा प्रभाग समिति क्रमांक 1-36. 

मनपा प्रभाग समिति क्रमांक 2-159.

 मनपा प्रभाग समिति क्रमांक 3-208.

 मनपा प्रभाग समिति क्रमांक 4-278. 

मनपा प्रभाग समिति क्रमांक 5- 221 धोखादायक इमारतों का समावेश है. धोखादायक घोषित 781 इमारतों में से कुल 210 इमारतें अति धोखादायक है.  मनपा प्रभाग समिति क्रमांक 3 के सहायक आयुक्त सुदाम जाधव के अनुसार, प्रभाग समिति क्षेत्र में स्थित अति जर्जर इमारतों को खाली कराए जाने की प्रक्रिया शुरू है. इमारतों में रह रहे लोगों को समझा-बुझाकर पंचनामा कर निकाल कर तोड़क कार्यवाही की जा रही है.