मनपा के शौचालयों की योजना सिर्फ कागजों पर

विज्ञापन होर्डिंग ठेकेदारों पर मनपा प्रशासन मेहरबान 

ठाणे. भारत सरकार की स्वच्छ भारत अभियान योजना के तहत शहर के विभिन्न जगहों पर शौचालयों के निर्माण के लिए मनपा ने प्रस्ताव पारित किया था. लेकिन शौचालय का निर्माण कार्य करने से पहले विज्ञापन का होर्डिंग बोर्ड तैयार कर ठेकेदार विज्ञापन के माध्यम से अपनी जेब भरना शुरू कर दिया. शौचालयों का निर्माण कार्य सिर्फ कागज पर ही सामने दिखाई देता नजर आ रहा है. साथ ही मनपा के इस योजना के शून्य कामों को लेकर चारों ओर चर्चा का विषय बना हुआ है.

स्वच्छ भारत अभियान योजना के तहत मनपा क्षेत्र के अंतर्गत 30 जगहों पर 15 सालो के लिए वातानुकूलित शौचालय तैयार करना था, जिसमें बालकुम, वसंतविहार, मानपाडा, सिनेवंडर, कोपरी, तीन हात नाका, वर्तक नगर, शिवाई नगर, गांधीनगर, वागले इस्टेट, घोडबंदर जैसे अनेक स्थानों पर शौचालय निर्माण करने की योजना थी. लेकिन मनपा के द्वारा इस योजना को पास हुए धीरे एक साल हुआ फिर भी शौचालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ.

शौचालयो के निर्माण के लिए जिस एजेंसी को दिया गया था उसके एवज में उसको शौचालय के उपर होर्डिंग लगाने के लिए मनपा ने अधिकार दिया था. लेकिन नियमानुसार शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण होने के पहले ही विज्ञापन लगा हुआ दिखाई दे रहा है. इस नियम का उल्लंघन करते हुए, ठेकेदार ने निर्माण पूरा होने से पहले ही सभी स्थानों पर साइड माउंटिंग खड़ी कर दी है और इस पर पहले ही होर्डिंग लगा दिए गए हैं.

इसके अलावा, एमएनएस के स्वप्निल महिंद्राकर ने भी खुलासा किया है कि एक शौचालय पर दो पैनल लगाए गए हैं. इस शौचालय के माध्यम से मनपा को हर साल छह लाख की राशी मिलनी थी. लेकिन पिछले एक साल में काम पूरा नहीं हुआ है और महानगर पालिका की आमदनी में बड़ा नुकसान हुआ है. इसलिए मनसे के स्वप्निल महिंद्रकर ने मनपा प्रशासन से तुरंत शौचालय के रुके हुए निर्माण कार्य को पूर्ण करने की मांग की है.