देवेंद्र फडणवीस और नरेंद्र मोदी की गलती से लटका मराठा आरक्षण

  • बंजारा समाज के नेता व पूर्व सांसद हरिभाऊ राठौड़ ने लगाया गंभीर आरोप 

ठाणे. ओबीसी तथा बंजारा समाज के नेता व पूर्व सांसद हरिभाऊ राठौड़ ने यह आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है कि राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी गलती के चलते आज मराठा आरक्षण लटक गया है. 

ठाणे के सरकारी विश्राम गृह में बुधवार की दोपहर पत्रकारों से बातचीत में हरिभाऊ राठौड़ ने यह बात कही. राठौड़ का कहना है कि राज्य के पास अधिकार न होते हुए भी कानून में संशोधन कर फडणवीस सरकार ने उक्त विधेयक को पास किया, यह सबसे बड़ी गलती थी और उसी का झटका मराठा आरक्षण को आज लगा है. राठौड़ ने बताया कि 11 अगस्त 2018 के दिन संविधान संशोधन अधिनियम 102 को केंद्र सरकार ने अमल में लाया था. जिसके चलते राज्य को एक्ट 16 (4 ) के तहत मिला संशोधन का अधिकार भारतीय संविधान के 342 (अ) के चलते छीन गया था और आरक्षण देने का राज्य के पास रहा अधिकार खत्म हो गया है. इसलिए अब किसी भी राज्य को अगर पिछड़ी जाति को लेकर कोई आरक्षण देना है तो पहले संसद में बिल पास करना होगा, उसके बाद ही आरक्षण लागू हो सकता है. 

फडणवीस सरकार के पास कोई अधिकार न होते भी कर दिया आरक्षण लागू 

हरिभाऊ राठौड़ का कहना है कि फडणवीस सरकार के पास कोई अधिकार न होते हुए भी 30 नवंबर 2018 के दिन आरक्षण को लागू किया था. इसलिए मराठा आरक्षण को लटकाने के पीछे मोदी सरकार और फडणवीस सरकार दोनों की बड़ी गलती रही. राठौड़ का कहना है कि उन्होंने इसको ठीक करने के संदर्भ ध्यान खींचा था लेकिन राज्य सभा की सिलेक्ट कमेटी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया. राठौड़ की मांग है कि संसद के चालू अधिवेशन में संविधान संशोधन बिल को लाकर उसमे बदल कर फिर से राज्यों को उनका अधिकार बहाल किया जाए. राठौड़ ने ओबीसी तथा बंजारा समाज के लिए बिभिन्न मदों हेतु 14 हजार 180 करोड़ के पैकेज को तुरंत घोषित करने की मांग सरकार से की है.