एमजीएम और डीवाय पाटिल हॉस्पिटल का रद्द होगा करार

  • पनवेल मनपा को बड़ा झटका, आरोग्य योजना में उपचार का आदेश

नवी मुंबई. राज्य सरकार ने कोरोना उपचार के नाम पर पनवेल मनपा को करोड़ों का बिल भेजने वाले कामोठे के एमजीएम हॉस्पिटल  (MGM Hospital Kamothe) और नेरुल के डीवाय पाटिल हॉस्पिटल (DY Patil Hospital) का उपचार करार रद्द करने का निर्देश दिया है. 14 अक्टूबर को पनवेल संघर्ष समिति की एक शिकायत पर आरोग्य सचिव ने मनपा आयुक्त  सुधाकर देशमुख को जवाब के लिए तलब किया था, जिसमें यह फैसला लिया गया. इसके साथ सरकार ने संबंधित हास्पिटलों में कोरोना मरीजों को इलाज महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के जरिए कराने का आदेश दिया है.

10 करोड़ की होगी बचत : कड़ू

बता दें कि कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद मरीजों को उपचार के लिए पनवेल मनपा ने कामोठे के एमजीएम एवं नेरुल के डीवाय पाटिल हॉस्पिटल के साथ करार किया था. पता चला कि मनपा ने 22 जुलाई को एमजीएम हास्पिटल पर मरीजों के उपचार के लिए 1.5 करोड़ का खर्च किया, जिसे धांधली बताते हुए संघर्ष समिति ने सीएम और संबंधित उच्चाधिकारियों को शिकायत कर जांच की मांग की थी.

30 जुलाई को आयुक्त ने नगरविकास सचिव को खत देकर जरूरी नियमों का मार्गदर्शन करने का पत्र भेजा था. इस पर अवर सचिव निकेता पांडे  ने 14 अक्टूबर को जवाब देने के लिए तलब किया था. पनवेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष कांतिलाल कड़ू ने कहा कि इससे जनता का 10 करोड़ रुपया बचने वाला है जिसे हास्पिटलों को खैरात के तौर पर लुटाया जा रहा था.मामले में आयुक्त सुधाकर देशमुख से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गयी लेकिन संपर्क नहीं हो सका.