ऐसी होगी नवी मुंबई मेट्रो रेलवे

नवी मुंबई. नवी मुंबई मेट्रो के हर कोच (रेक्स) में सीट पर बैठे और खड़े  कुल 1125 यात्रियों को ले जाने की क्षमता होगी.  कोच में बैठने के आरामदायक सीट के अलावा हैंडल की बेहतर व्यवस्था की गयी है. कोच में विज्ञापन के लिए डिजिटल पैनल्स लगाए गए हैं.

कोच के भीतर ऐसे एयर कंडिशन यंत्र लगे हैं जो बाहर 45 डिग्री सेल्सियस तापमान होने की दशा में भी कोच का ठंडा रखेंगे. मेट्रो रेल का ऑपरेशन ऑटोमेटिक होगा और इसमें मेट्रो मार्ग की बाधा को पहचानने की व्यवस्था (ऑब्स्टेकल डिटेक्शन) अग्नि प्रतिबंधक एलार्म, ऐंटी स्कीड डिस्क ब्रेक जैसी अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं मौजूद होंगी.

राईट की डिजाईन, दिल्ली मेट्रो की निगरानी

सिडको प्राधिकरण के नवी मुंबई मेट्रो परियोजना को साकार करने की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपी गयी है. जबकि नवी मुंबई मेट्रो के विभिन्न मार्गों (रूट्स) के विस्तृत विकास कार्य (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट या डीपीआर) को तैयार करने का काम राईट्स लिमिटेड ने किया है. फिलहाल रूट क्रमांक 2 व 3 के डीपीआर को मंजूर किया जा चुका है और रूट नंबर 3 और 4 को आगामी दिनों में मंजूर किया जाना है.

डीपीआर में भविष्य के पहलुओं पर जोर

मेट्रो रेल के डीपीआर में कई मुद्दों को शामिल किया गया है जिनमें नवी मुंबई और पनवेल की बढ़ती जनसंख्या, एयरपोर्ट, एसईजेड और जेएनपीटी के जरिए नौकरी के लिए पैदा हो रहे नए अवसर तथा मेट्रो रेल मार्ग से नवी मुंबई के उपनगरों को जोड़ने जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है. डीपीआर में चारों मेट्रो मार्गों के निर्माण का खर्च, क्रियान्वयन और मेंटीनेंस का खर्च, निर्माण खर्च आपूर्ति के विकल्प, मेट्रो मार्गों की लंबाई, मेट्रो स्टेशनों की संख्या सहित कई अन्य तकनीकी मुद्दे समाविष्ट किए गए हैं.