कोरोनामुक्त प्रभाग स्पर्धा के लिए नहीं मिला प्रतिसाद

बिना परिणाम के स्पर्धा खत्म

नगरसेवकों ने गंवा दिया 50 लाख की निधि

ठाणे. मनपा द्वारा एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था लेकिन तालमेल की कमी के चलते ठाणेकरों तक कोरोनामुक्त प्रभाग प्रतियोगिता की जानकारी नहीं मिली. जिस वजह से प्रतियोगिता को जीरो प्रतिसाद मिला और खिलाड़ी के बिना ही खेल समाप्त हो गया. नगरसेवकों तक भी इस प्रतियोगिता की जानकारी नहीं पहुंची थी, इसलिए लगभग 50 लाख रुपये की निधि नगरसेवकों के हांथों से फिसल गई है.

बता दें कि ठाणे में कोरोना के संक्रमण पर लगाम कसने के लिए पालकमंत्री एकनाथ शिंदे कि संकल्पना अनुसार ठाणे मनपा ने कोरोनामुक्त प्रभाग प्रतियोगिता का आयोजन अप्रैल महीने में किया था. इस प्रतियोगिता में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए क्या उपाय किया है? इसका वीडियो बनाकर ठाणे मनपा की वेबसाइट पर भेजना था. इतना ही नहीं जिस प्रभाग में कोरोना मरीज नहीं पाया जाएगा उस प्रभाग को लगभग 25 से 50 लाख रुपये का इनाम देकर सम्मानित किया जाने वाला था. प्रतियोगिता की तारीखें 2 से 15 मई और 2 से 29 मई थी. यदि जून में कुछ स्थानों पर सकारात्मक रोगी पाए गए, तो वार्ड समिति क्षेत्र के रोगियों की संख्या 1 से 14 जून और 1 से 28 जून तक ध्यान में रखी जाएगी.

 प्रतियोगिता में भाग लेने वाले नागरिकों को ‘डीजी ठाणे’ के 7वें लिंक पर पंजीकरण करना आवश्यक था. लेकिन तीसरे सीज़न की समाप्ति के बाद भी, किसी ने प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया. जिस वजह से प्रतियोगिता को रद्द कर दिया गया.

प्रतियोगिता के लिए कोई अभिभावक नहीं है

संपूर्ण कोरोना-मुक्त प्रतियोगिता का आयोजन तत्कालीन उपायुक्त ओमप्रकाश दिवटे द्वारा किया गया था. लेकिन एक हफ्ते पहले मालेगांव नगर पालिका में उनका तबादला हो चुका है. जिससे पता चला कि प्रतियोगिता का कोई अभिभावक नहीं है. इसे लागू करने की जिम्मेदारी जनसंपर्क विभाग की थी. जनसंपर्क विभाग के उपायुक्त संदीप मालवी ने कहा कि प्रतियोगिता के लिए कोई प्रतिक्रिया ही नहीं मिली.

योजना रही विफल

महापौर नरेश म्हस्के और मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने कोरोना फ्री वार्ड प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अधिक से अधिक ठाणेकरों से अपील की थी. हालांकि, यह पाया गया कि प्रशासन ठाणे के लोगों को प्रतियोगिता में शामिल किए बिना योजना को बताने में विफल रहा इसलिए जो ठाणेकर फेसबुक और यूट्यूब पर सक्रिय हैं उन्हें इस प्रतियोगिता की उचित जानकारी ही नहीं मिली और प्रतियोगिता रद्द कर दी गई.