KDMC क्षेत्र में उपचार के अभाव में हो रही मरीजों की मौत

कल्याण. कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका का प्रशासन और प्रशासन कोरोना के खिलाफ पूरी तरह से तैयार होने का दावा कर रहा है. लेकिन 3 दिनों के भीतर कल्याण में 2  मरीजों की इलाज के अभाव में मौत होने से कल्याण वासियों के मन में जहां भय का माहौल छाया हुआ है वहीं मनपा प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी बढ़ती जा रही है.  

गौरतलब हो कि कल्याण-डोंबिवली मनपा क्षेत्र में कोरोना के रोगियों की संख्या 3200 से अधिक हो गयी है, फिर भी कडोमपा की महापौर विनीता राणे और आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने दावा कर रहे हैं कि केडीएमसी कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए पूरी तैयार है, कहीं कोई कमी नहीं है. लेकिन कल्याण में उपचार के अभाव में 2 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के बाद पूरे शहर में भय का माहौल बना  हुआ है. एक मरीज 4 दिनों से गंभीर हालत में था उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, उसका कोरोना का परीक्षण किया गया, लेकिन समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण उसे कल्याण के कोविड अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया. जिसके बाद उसे रुक्मिणीबाई अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां पर ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने के कारण मरीज की मौत हो गई. बाद में उसकी रिपोर्ट आयी, जिसमें यह साफ हो गया कि वह व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव था.

दूसरी घटना कल्याण (पूर्व) की है,एक मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी उसे तुरंत रुक्मिणी बाई अस्पताल ले जाया गया वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण उस मरीज की भी मौत हो गई. दोनों ही मामलों में, मृतक के रिश्तेदारों ने अस्पताल में बेड के लिए भागदौड़ की, केडीएमसी और निजी अस्पतालों से भी मदद नहीं मिली. इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. और इलाज के अभाव में अस्पताल के सामने मौत होती हैं. सामाजिक कार्यकर्ता उदय रसाल ने कहा है कि कल्याण-डोंबिवली में हुई घटना मनपा प्रशासन की उदासीनता एवं लापरवाही का संकेत है. रशाल ने कहा कि कल्याण पूर्व में भी चिकित्सा संबंधी उचित व्यवस्था होनी चाहिए, जिसे करने में मनपा प्रशासन नाकाम साबित हो रही है.