बुलेट ट्रेन की जगह को लेकर प्रस्ताव फिर मनपा महासभा में

ठाणे. एक तरफ जहां राज्य सरकार की तरफ से बुलेट ट्रेन को लेकर विरोध दर्शाया गया, वहीं ठाणे मनपा क्षेत्र स्थित बुलेट ट्रेन के भू खंड के हस्तांतरण को लेकर प्रस्ताव फिर से महासभा में मंजूरी के लिए रखा गया है. ठाणे मनपा की तरफ से उसके नाम पर शील परिसर के भूखंड में से कुछ हिस्से को नेशनल हाय स्पीड रेल कॉरपोरेशन लि. को  हस्तांतरित किया जाना है. इसके बदले मनपा को बतौर नुकसान भरपाई 6 करोड़ 92 लाख 82 हजार रुपये मिलेंगे. पिछली महासभा में उक्त प्रस्ताव पर स्थगन लगा दिया गया था और अब महासभा में उसे मंजूरी के लिए रखा गया है. 

 पता हो कि दिवा-शील परिसर में नेशनल हाय स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कंपनी की तरफ से शुरू बुलेट ट्रेन सर्वेक्षण काम के दौरान मनसे की तरफ से जोरदार विरोध किया गया था. उस समय हंगामा करने वाले मनसे के आठ पदाधिकारियों को शिल डायघर पुलिस ने गिरफ्तार किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना बुलेट ट्रेन के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जमीन को देने का विरोध दर्शाया था.

मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए ठाणे और पालघर जिले के करीब 108 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया है. परियोजना के लिए दिवा के शिल, आगासन, देसाई, पडले, म्हातर्डी सहित कुल 8 गांव के करीब 40 किसानों की जमीन बुलेट को ट्रेन परियोजना के लिए लिया गया है. म्हातर्डी  में बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन प्रस्तावित है. सितंबर महीने में भी महासभा की पटल पर यह प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन महापौर ने प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया था क्योंकि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस परियोजना को लेकर खुद नाराज थे. एक बार फिर अब इस प्रस्ताव को पटल पर रखा गया है. ऐसे में शुक्रवार की महासभा में सत्ताधारी शिवसेना, राज्य में सहयोगी राकां और कांग्रेस के साथ ही केंद्र के इस महत्वाकांक्षी परियोजना लेकर भाजपा की क्या भूमिका होगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई है.