KDMC

महामारी से निपटने के लिए KDMC के पास खुद का केवल 1 कोविड सेंटर

केडीएमसी का स्वास्थ्य विभाग खुद आईसीयू में

कल्याण. कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका क्षेत्र में कोरोना मरीजों का इलाज राम भरोसे चल रहा है, कल्याण डोंबिवली  में 13 कोविड अस्पतालों को मिलाकर महज 46 वेंटिलेटर,109 आईसीयू बेड और 502 साधारण बेड के जरिए 3079 मरीजों का इलाज हो रहा है जो चौंकाने वाला है. 

कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका में कुल 122 वार्ड हैं और यहां की जनसंख्या करीब 20 लाख है. ऐसी स्थिति में कोरोना मरीजों का इलाज भगवान भरोसे ही चल रहा है. कल्याण-डोंबिवली की बिगड़ती हालात को देखते हुए जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे, कल्याण के सांसद डा. श्रीकांत शिंदे और विधान परिषद के विरोधी पक्ष नेता प्रवीण दरेकर सहित तमाम दिग्गज नेताओं और मंत्रियों का दौरा हो चुका है, लेकिन किसी ने मरीजों की संख्या और अस्पताल के आंकड़ों को नहीं देखा. चौंकाने वाली बात यह है कि कल्याण और डोंबिवली दोनों शहरों को मिलाकर केडीएमसी प्रशासन के पास महामारी से निपटने के लिए डोंबिवली में केवल 1 कोविड सेंटर है, जिसमें महज 2 वेंटिलेटर, 6 आईसीयू बेड और 50 साधारण बेड हैं. बाकी शहर के 12 निजी अस्पतालों को कोविड सेंटर में परिवर्तित किया गया है.

मरीजों की आंकड़ों के अनुसार शहर के 13 अस्पताल भी कम पड़ रहे हैं और निजी कोविड अस्पताल में भर्ती होने के लिए सिफारिश करनी पड़ रही है. ऐसे में साधारण गरीब पेशेंट न सिर्फ अस्पतालों के चक्कर काट रहे, बल्कि अब तक 101 लोगों की जान भी चली गई है. वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. सुहास कदम ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर और सुविधा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.

यह है स्थिति

सरकारी अस्पताल- 1,

वेंटिलेटर-           2,

आईसीयू बेड-        6,

साधारण बेड-       50,

निजी अस्पताल-    12,

वेंटिलेटर-              44,

आईसीयू बेड-      103,

साधारण बेड-      452,

कुल वेंटिलेटर-        46,

कुल आईसीयू बेड- 109,

कुल साधारण बेड- 502,

इलाज करा रहे पॉजिटिव मरीजों की संख्या- 3079  (यह  27 जून तक का आंकड़ा है)

कुल वार्डों की संख्या- 122,

जनसंख्या- करीब 20 लाख.