Rapid test method developed to detect infection
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उल्हासनगर. उल्हासनगर मनपा द्वारा स्थानीय दुकानदारों के कोविड टेस्ट करवाने की जबरदस्ती के खिलाफ दुकानदारों के बीच धीरे धीरे नाराजगी व्यक्त होने लगी है. मनपा के कर्मचारियों द्वारा दुकानदारों को उक्त मुद्दे को लेकर डांट फटकार करने की बात भी सामने आयी है, जिसको रोकने की मांग मनपा के नेता प्रतिपक्ष किशोर बनवारी ने मनपा आयुक्त डॉ. राजा दयानिधि से पत्र द्वारा भी की है. जानकारी के अनुसार गुरुवार को  उल्हासनगर मनपा के कुछ कर्मचारियों ने उल्हासनगर कैम्प 5 के मार्केट में दुकानदारों के पास जाकर उन्हें एक फॉर्म दिया और कहा कि  3 दिन में कोविड टेस्ट करवाएं वरना दुकान खोलने नहीं देंगे. मनपा के इस आदेश की वजह से दुकानदार  परेशान हो रहे हैं. उनका कहना है कि रास्तों पर इतने लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं, उनकी वजह से नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ दुकानदारों  की वजह से ही कोरोना फैल रहा है.

उल्हासनगर कैम्प क्रमांक 5 के बाज़ार के व्यापारियों ने अध्यक्ष किशोर वनवारी व उपाध्यक्ष सतराम दास जेसवानी से उक्त मामले में दखल देकर मनपा आयुक्त से बात करने कहा है. गौरतलब हो कि नागपुर के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने भी पिछले महीने इसी तरह का आदेश निर्गमित किया गया था, जिसका वहां के तमाम व्यापारियों ने पुरज़ोर विरोध किया था. भारी विरोध के बाद आयुक्त मुंडे को अपने फैसले पर विचार करना पड़ा था. दुकानदारों  का कहना है कि लॉकडाउन कार्यकाल में पहले से ही चौतरफ़ा मार झेल चुके व्यापारियों पर मनपा प्रशासन इस तरह की सख्ती न बरतें. 

जब इस संदर्भ में मनपा के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. युवराज भदाणे से बात की तो उन्होंने बताया कि मनपा, केंद्र व राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार ही  निर्णय लेती है व मनपा प्रशासन उसी आधार पर काम कर रहा है. डांट डपटने के विषय पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए. डॉ. भदाणे के मुताबिक शिकायत आने पर उस कर्मचारी की विभागीय जांच होगी. उन्होंने व्यापारियों से सहयोग करने व टेस्ट का लाभ लेने की अपील की है. ताकि कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी से बचा जा सके.