पालकमंत्री की क्लस्टर योजना का शिवसैनिक ही जता रहे हैं विरोध

  • दो बार बायोमेट्रिक सर्वे में डाल चुके हैं विघ्न

ठाणे. पालकमंत्री एकनाथ शिंदे की महत्वाकांक्षी क्लस्टर योजना को लेकर शिवसैनिकों द्वारा विरोध किये जाने का मामला सामने आया है. दरअसल, मंगलवार को ठाणे महानगर पालिका के उथलसर प्रभाग समिति के अंतर्गत आने वाले आजाद नगर परिसर में बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के काम को अचानक शिवसेना पदाधिकारियों द्वारा बंद करा दिया गया. हालांकि कुछ समय बाद फिर शुरू किया गया और शाम तक काम पूरा कर लिया गया. लेकिन वहीं दूसरी तरफ इस दौरान भाजपा के स्थानीय नगरसेवक भी घटनास्थल पर पहुंचे और सर्वे के काम को शुरू करने का आग्रह किया. लेकिन शिवसेना के कार्यकर्ताओं का विरोध कायम रहा. इस दौरान शिवसेना और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच शाब्दिक युद्ध भी देखने को मिला. 

मनपा प्रशासन का कहना है कि आजाद नगर के 80 फीसदी रहिवासी सर्वेक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन 20 फीसदी लोगों को भड़काया जा रहा है, इसलिए वे विरोध कर रहे हैं. कुछ समय के लिए जरूर मनपा प्रशासन को सर्वेक्षण का काम रोकना पड़ा, लेकिन बाद में फिर शुरू किया गया. 

गौरतलब है कि अत्ति खतरनाक और खतरनाक इमारतों में अपनी जान हथेली पर रखकर रहने वाले रहिवासियों के लिए राज्य सरकार की तरफ से क्लस्टर योजना ठाणे शहर में लागू की जा रही है. इस योजना में कुछ ऐसे पॉकेट्स भी लिए गए हैं, जोकि झोपड़पट्टी बहुल क्षेत्र भी हैं. यह योजना पालकमंत्री एकनाथ शिंदे की महत्वाकांक्षी योजना है. क्योंकि सबसे अधिक अति खतरनाक और खतरनाक इमारतें उनके विधानसभा क्षेत्र कोपरी-पांच पखाडी में है. पालकमंत्री इस योजना को सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरे ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में लागू करा रहे हैं. लेकिन अब उनके पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा ही इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर विरोध किया जा रहा हैं. जिसे लेकर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है. 

मिली जानकारी के अनुसार उथलसर प्रभाग समिति के अंतर्गत आने वाले आजाद नगर परिसर में क्लस्टर योजना के लिए इसके पहले टेबल सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है. अब सिर्फ पात्र लाभार्थियों की सूची निश्चित करने के लिए मनपा आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा के आदेश पर बायोमेट्रिक सर्वे का काम मंगलवार से शुरू किया गया. लेकिन इसी बीच शिवसेना पदाधिकारी हेमंत पवार, अमित जयस्वाल, चंद्रकांत सुर्वे सहित कई शिवसैनिकों ने अचानक सर्वे का काम बन्द करा दिया. इसी बीच इसकी भनक स्थानीय भाजपा नगरसेवक कृष्णा पाटिल को लगी तो वे घटनास्थल पर पहुंच कर सर्वे का काम शुरू कराने का प्रयास कर रहे थे. जिसके कारण कुछ देर के लिए शिवसेना और भाजपा पदाधिकारियों के बीच शाब्दिक विवाद भी नजर आया. 80 फीसदी रहिवासी बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए तैयार नजर आए और मनपा की तरफ से आखिरकार सर्वेक्षण का काम शुरू किया गया. जिसे पूरा कर लिया गया है. 

क्लस्टर योजना को लेकर 80 फीसदी रहिवासी समर्थन कर रहे है, लेकिन अंतर्गत राजनीति के कारण कुछ शिवसेना के पदाधिकारी इस योजना को लेकर विरोध कर रहे हैं. जबकि रहिवासियों को सुरक्षित और हक के पक्के घर मिले इसलिए यह योजना महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में इस प्रकार का शिवसेना पदाधिकारियों द्वारा विरोध जताना गलत है.

-कृष्णा पाटिल (स्थानीय नगरसेवक-भाजपा)

मनपा आयुक्त के आदेश पर यह सर्वेक्षण के काम शुरू किया गया है और सभी रहिवासियों का सही तरीके से बैठक लेकर उन्हें विश्वास में लेकर बायोमेट्रिक सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है. कुछ आपसी मनमुटाव हुआ होगा लेकिन सर्वेक्षण के काम पूरा कर लिया गया है.

– शंकर पाटोले, सहायक आयुक्त, उथलसर प्रभाग समिति, ठाणे मनपा