झोपड़पट्टी में संवर रही होनहार खिलाड़ियों की तकदीर

नवी मुंबई. रबाले के आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी के बीच छत्रपति राजर्षि शाहू महाराज विद्यालय में सैकड़ों लड़कियां नेशनल स्पर्धा में नया इतिहास रचने के लिए तैयार हो रही हैं. वेस्टर्न रेलवे के एक टीसी द्रोणाचार्य बनकर इन्हें प्रशिक्षित और प्रोत्साहित करते हैं. जिसके दम पर ये खिलाड़ी स्टेट और नेशनल लेवल पर खो खो खेल कर मेडल जीत रही हैं. खिलाड़ी इन सफलताओं का क्रेडिट अपने ट्रेनर प्रताप शेलार को देते हैं. जिन्होंने घर वालों को कन्विंस कर उन्हें स्पोर्ट में कैरियर बनाने के लिए प्रेरित किया. खिलाड़ी बताते हैं इस खेल से उन्हें स्कॉलरशिप और सम्मान दोनों मिल रहा है जिससे घर वाले भी उत्साहित हैं.

खेलो इंडिया खेलो तक पहुंचे बच्चे

बताना जरूरी है कि खो खो में 14 बार के नेशनल चैंपियन रह चुके प्रताप शेलार इन खिलाड़ियों के द्रोणाचार्य हैं. वेस्टर्न रेलवे में टीसी की नौकरी करते हैं और बाकी समय में प्रतिभावान बच्चों को खो खो सिखाते हैं. प्रताप बताते हैं कि पूर्व मेयर सुधाकर सोनावणे ने यहां ऐसा स्पोर्ट ग्राउंड तैयार किया है जहां हम 150 लड़के और 150 लड़कियां को ट्रेनिंग दे रहे हैं. इनमें से दर्जनों ऐसे हैं जो राज्य स्तर से बढ़कर खेलो इंडिया खेलो तक जा चुके हैं. खो खो ट्रेनर ने कहा कि झोपड़पट्टी के बच्चे गरीब जरूर हैं लेकिन उनमें देश के लिए कुछ करने का जज्बा है. और हम इस जज्बे को जीत में बदलना चाहते हैं.