आयुक्तों की बदलियों का शहर बना उल्हासनगर

शहरवासियों द्वारा आईएएस अफसर आयुक्त की मांग अब पुरी हुई

समीर उन्हाले के बाद अब डॉ. मन्ताडा राजा दयानिधि बने आयुक्त

उल्हासनगर. अपना पद स्वीकारने के बाद एक आयुक्त जो अभी तक शहर की रचना, जनप्रतिनिधियों से पहचान, लोगों का स्वभाव समझ ही नहीं पाता तब तक उसका तबादला हो जाता है. फिर शहरवासी नये आयुक्त की राह देखने में लग जाते है. चार साल के भीतर शहर को डॉ. मंताडा  दयानिधि के रूप में सातवें आयुक्त मिले हैं, आयुक्त की बदलियों का शहर बन गया है उल्हासनगर  

सुधाकर शिंदे, राजेंद्र निंबालकर, गणेश पाटिल, अच्युत हांगे, सुधाकर देशमुख, समीर उन्हाले और अब गोंदिया से डॉ. मन्ताडा राजा दयानिधि जो आईएएस अफसर हैं. उनको उल्हासनगर के आयुक्त पद की जिम्मेदारी सौपी गई है.19 मई 2020 को उल्हासनगर वासियों को पत्र द्वारा ख़बर मिली थी कि उमनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख का तबादला हो गया है, तब लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था इतनी जल्दी देशमुख की बदली हो जाएगी.

सुधाकर देशमुख की जगह 2007 में  उल्हासनगर मनपा आयुक्त रहे समीर उन्हाले  पुनः नियुक्त हुए. उल्हासनगर से बदली होकर गए सुधाकर देशमुख ने पनवेल महानगर पालिका आयुक्त पद का पदभार तुरंत ही 20 मई की शाम 5 बजे स्वीकार लिया तथा ठाणे मनपा में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात समीर उन्हाले ने उल्हासनगर मनपा का चार्ज लिया था. इनमें अच्युत हांगे उल्हासनगर से सेवानिवृत्त हुए हैं. शेष सभी का ट्रांसफर हुआ है.

32 दिन में समीर उन्हाले का तबादला 

समीर उन्हाले का मात्र 32 दिन में उल्हासनगर से तबादला कर दिए जाने से शहर में चर्चा यह है कि उन्हाले सरकार की कसौटी पर खरे नहीं उतरे शायद इसी लिए उनका तबादला कर दिया गया. कुछ जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मनपा आयुक्त पद पर आयुक्त  समीर उन्हाले  द्वारा कोई गतिविधि शहर में नहीं दिखाई दी एवं कोरोना के बढ़ते मरीज भी उनके तबादले के सबब हो सकता  है. 

उपायुक्त संतोष देहरकर का भी तबादला

उल्हासनगर मनपा के उपायुक्त संतोष देहरकर का भी तबादला हो गया है. कोरोना महामारी के प्रकोप से कड़ाई के साथ निपटने के लिए इस तरह की एक के बाद एक  बदलियां सरकार द्वारा की गई है. उल्हासनगर शहर में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, पुर्व आयुक्त सुधाकर देशमुख द्वारा हररोज़ अपटेड प्रेसनोट, आदेश निर्देश नियमावली द्वारा बताया जाता था कि, कौन सी दुकानें खुलेगी लेकिन उनके जाने के बाद भाजी फल वालों ने तो जैसे लॉकडाउन खोल ही दिया है, बाजारों में भीड़ पर नियंत्रण रखने में मनपा व पुलिस प्रशासन फेल दिखाई दी.  

डॉ. मन्ताडा राजा दयानिधि की कोरोना से निपटने की रहेगी चुनौती

अब गोंदिया से डॉ. मन्ताडा राजा दयानिधि जो एक डॉक्टर और आईएएस अफसर भी हैं, वह उल्हासनगर के आयुक्त पद का कार्यभार संभालेंगे. उल्हासनगर वासियों द्वारा काफी समय से मांग की जा रही थी कि कोई आईएएस अफसर आयुक्त बनाकर भेजा जाए अब यह मांग पूरी होती नज़र आ रही है, बशर्ते कि नए आयुक्त दयानिधि आए और सक्रियता दिखाए. नए आयुक्त दयानिधि के सामने कोरोना मरीजो की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाना, धोखादायक बिल्डिंगों की शहर की पुरानी व सबसे बड़ी समस्या के लिए शहर वासियों के हित में कारगर कदम उठाना, प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया वसूली तथा अवैध बिल्डिंगो को सरकारी नियमानुसार रेगुलाइज करने की प्रक्रिया को उस बिल्डिंगो में रहने वाले नागरिको को भरोसे में लेकर रेगुलाइज प्रक्रिया आसान बनाना जैसी अहम चुनौती रहेगी.