मध्यप्रदेश का छिंदवाड़ा शहर है प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत

छिंदवाड़ा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक के लिए काफी प्रसिद्ध है। यह मध्यप्रदेश राज्य का खूबसूरत शहर है। यह शहर शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में खजूर के पेड़ों की अधिकता के साथ बसा है। यहां कई खूसूरत पर्यटन स्थल भी हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। समुद्र तल से 675 मीटर की ऊंचाई के साथ यह शहर 11,815 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है। तो आइए जानते हैं यहां के कुछ पर्यटन स्थल…

पातालकोट-

छिंदवाड़ा की तामिया पहाड़ी पर स्थित पातालाकोट एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए यह जगह बहुत लोकप्रिय है। 1200 से 1500 फीट की गहराई के साथ पातालकोट एक आकर्षक भूखंड है। यह स्थल कुछ घोड़े की नाल जैसा प्रतीत होगा। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव की पूजा करने के बाद राजकुमार मेघनाथ इस स्थल से पाताल लोक गए थे। 

जनजातीय संग्रहालय-

जनजातीय संग्रहालय की शुरुआत 20 अप्रैल 1954 मे की गई थी, जिसे 1975 में राज्य संग्रहालय का दर्जा प्राप्त हुआ था। 8 सितंबर 1997 में इस म्यूजियम का नाम बदलकर ‘श्री बादल भोई राज्य जनजातीय संग्रहालय’ कर दिया गया था। अपने 14 रूमों, 3 गैलरियों और 2 स्वतंत्र गैलरियों के साथ यह जनजातीय संग्रहालय राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।

अनहोनी-

अनहोनी गांव छिंदवाड़ा-पिपरिया रोड पर झिरपा गांव से लगभग 2 मील की दूरी पर स्थित है। यह गांव गंधक युक्त गर्म पानी के कुंड के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि इस कुंड का जल औषधी गुण से भरपूर है, जो त्वचा संबंधी रोगों से निजात दिलाता है। 

देवगढ़ किला-

घने जंगलों और गहरी घाटियों के साथ देवगढ़ किला यहां की एक पहाड़ी पर बनाया गया है। यह प्राचीन किलों में शुमार है।सुगम पहाड़ी मार्गों की सहायता से आप ऊपर किले तक पहुंच सकते हैं। इस किले का निर्माण गोंड के राजा जाटव द्वारा किया गया था। यह एक विशाल किला है जिसकी खूबसूरत इमारते पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।