ओडिशा का गोल्डन बीच ‘ब्लू फ्लैग’ से सम्मानित, ये है महत्त्व

ओडिशा राज्य में स्थित खूबसूरत गोल्डन बीच (Golden Beach) को ‘ब्लू फ्लैग’ सर्टिफिकेशन से सम्मानित किया है। एफईई (FEE)डेनमार्क ने गोल्डन बीच को देश के उन 8 समुद्र तटों में शामिल किया है, जिन्हें ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन से सम्मानित किया गया है। इस बात की जानकारी खुद ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की है। 

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि, “यह जानकारी शेयर करते हुए बेहद खुश हूं कि एफईई डेनमार्क की तरह से गोल्डन बीच को ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन मिला है। यह इको-लेबल विश्व स्तरीय हैरिटेज सिटी के आकर्षण में चार चांद लगाएगा।”

देश के 8 समुद्रीय तटों को मिला ‘ब्लू फ्लैग’-
‘ब्लू फ्लैग’ सर्टिफिकेशन से सम्मानित देश के 8 समुद्र तट शिवराज बीच (द्वारका-गुजरात), घोघला (दीव), कासरकोड और पदुबिद्री बीच (कर्नाटक), कप्पड़ बीच (केरल), रुशिकोंडा बीच (आंध्रप्रदेश), गोल्डन बीच (ओडिशा) और राधानगर बीच (अंडमान-निकोबार) शामिल हैं। एफईई के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक देश के 8 समुद्र तटों को एक बार‘ब्लू फ्लैग’ टैग मिला है। 

क्या है ‘ब्लू फ्लैग’?
‘ब्लू फ्लैग’ सर्टिफिकेशन एक वैश्विक सम्मान है, जो साफ और सुरक्षित समुद्र तटों को दिया जाता है। एफईई उन समुद्र तट को ब्लू फ्लैग से सम्मानित करता जो उनके 33 मानदंडों पर खड़ा उतरता है, जिनमें पर्यावरण, शैक्षिक और सुरक्षा आदि शामिल हैं और एफईई के इन मानदंडों पर खरा उतरने के बाद देश के 8 समुद्र तटों को ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन दिया गया है।