यह हैं भारत के प्रमुख और प्रसिद्ध गुरुद्वारे

आज हम आपको पवित्र और खुबसूरत गुरूद्वारों से रूबरू करवाएंगे, जो कि अपने हजारों साल पुराने इतिहास तथा पवित्रता के लिए विश्व में प्रसिद्ध है। वहीं बात हो रही हो गुरूद्वारे की तो सबसे पहले पंजाब में मौजूद स्वर्ण मंदिर का नाम सबसे पहले ध्यान में आता है। साल के हर वक्त यहां सिक्ख पर्यटकों तथा हजारों टूरिस्ट्स की भीड़ देखी जा सकती है, जो की दूर – दूर से मन्नत मांगने तथा पवित्र गुरूद्वारे में माथा टेकने आया करते हैं। आज हम आपको भारत के प्रमुख गुरुद्वारों के बारे में बताएंगे…

तख़्त श्री हरिमंदिर जी-
यह गुरुद्वारा सिखों के अंतिम गुरु यानि गुरु गोबिंद सिंह की जन्मस्थली है। तख़्त श्री हरिमंदिर जी सिख भक्तों के लिए बहुत पवित्र स्थल है। यह बिहार के पटना शहर में गंगा नदी के किनारे बसा सिखों के लिए बहुत ही महत्वूर्ण जगह है, जहां दूर-दूर से लाखों सिख श्रद्धालु घूमने आते है। खासकर बैसाखी के दिनों मे गोबिंद सिंह के दर्शन के लिए खास भीड़ उमड़ती है। 

हेमकुंट साहिब-
गुरुद्वारा लगभग 4650 मीटर की ऊंचाई है जो कि तिब्बत और नेपाल की सीमा से सटे उत्तराखंड के चमोली जिला में स्थित है। यह जगह पवित्र स्थान तथा मान्यताओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है जहां सैलानी घूमने के लिए भारी आया करती है। कहा जाता है कि इस जगह पर गुरु गोबिंद सिंह ने कई साल तक महाकाल की आराधना की थी।   

गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब-
कहा जाता है कि गुरु गोबिंद सिंह ने अपने जीवन के चार साल यहां बिताए थे। हिमाचल में यमुना नदी के किनारे बसा गुरुद्वारा सिख भक्तों के लिए बहुत ही खास माना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि एक बार यमुना नदी बहते हुए बहुत शोर से बह रहीं थी तो उस शोर से गुरु गोबिंद सिंह जी को ध्यान लगाने में  परेशानी हो रही थी जिसके बाद उन्होंने यमुना नदी से शांति से बहने के लिए अनुरोध किया  जिसके बाद  यमुना नदी शांति से  बहने लगी। पहाड़ों के बीच बसा यह धार्मिक स्थल सिक्खों के लिए बहुत महत्वपू्ण माना जाता है।

तखत श्री केसगढ़ साहिब-
सिक्खों के लिए बहुत ही महत्वपर्ण जगह तखत श्री केसगढ़ साहिब पंजाब के रोपड़ शहर में स्थति है, जो कि शिवालिक पर्वत के किनारे मौजूद है। माना जाता है कि यहां 9वें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर और 10वें गुरु गोबिंद सिंह ने पंज प्यारों की उपाधि और खालसा पंथ की स्थापना की थी। तखत श्री केसगढ़ साहिब गुरुद्वारा को पांच सबसे पवित्र गुरुद्वारा में से एक माना जाता है।