इन 5 वजहों से ट्रैवलिंग दिलाएगा डिप्रेशन से छुटकारा

    नई दिल्ली : रोजमर्रा की जिंदगी, काम की व्यस्तता को लेकर या अपने व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक समस्याओं की वजह से वर्तमान में ज्यादातर लोगों को डिप्रेशन से गुजरना पड़ता है। आजकल के युवाओं में डिप्रेशन बहुत तेजी से बढ़ा है। खासकर भारत में, एक रिपोर्ट से पता चला है कि भारत की लगभग 6.5% लोग डिप्रेशन से पीड़ित है।

    इससे बचने के लिए डॉक्टरों की सलाह के साथ-साथ घूमना और ट्रैवल करना भी डिप्रेशन से आपकी लड़ाई में मदद कर सकता है। घूमने या ट्रैवल करने से आप डिप्रेशन को दूर कर सकते है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि ट्रैवल या घूमना डिप्रेशन से लड़ने में आपकी किस तरह मदद कर सकता है। तो चलिए जानते है कि त्रावलीन के जरिये डिप्रेशन से कैसे छुटकारा पाएं……

    1. दुनिया के बारे में नई बातें जानना

    चारदीवारी में कैद , ऑफिस  में काम हम  बस इतनी जिंदगी जीते है, लेकिन जब हम घूमने घर के बाहर निकलते है , तो अनेक तरह की नई बातें सीखते है।  एक बार आप किसी ट्रिप पर निकलते हैं, तो आप बाहर के लोगों और वहां के बारे में जानना शुरू करते है। आप उस जगह जाते हैं जहां आप पहले नहीं गए हों। इससे आपको उस जगह के बारे में, वहां के खाने के बारे में ऐसी बातें पता चलती हैं, जिसे सुनकर आपको खुशी महसूस होगी। किसी बीच पर बैठकर सूरज को डूबते हुए देखने का अपना अलग ही मजा है।

    2. प्रकृति (नेचर) से मिलने का अवसर

    एक शोध से पता चला है कि इंसान के डिप्रेशन और नेचर का आपस में रिश्ता है। ऐसा माना जाता है कि इंसानी दिमाग और मन को प्रकृति जैसे- जंगलों, नदी के किनारे और पहाड़ों के पास जाने से शांति मिलती है। जैसे ही आप प्रकृति के पास जाते हैं तो डिप्रेशन अपने आप ही आपसे दूर होने लगता है।  इसलिए जितना नेचर के करीब जाएंगे और उसमे घुलेगें- मिलेंगे, डिप्रेशन उतना ही आपसे दूर होता जाएगा। 

    3. आप नए लोगों से मिलते हैं

    अकेलेपन का सीधा असर डिप्रेशन पर पड़ता है। जितना आप अकेले रहेंगे, उतना ही डिप्रेशन की ओर जाएंगे। जब आप अकेले ट्रैवल करते हैं या फिर कहीं घूमने के लिए जाते हैं तो आप नए लोगों से मिलते हैं।  कैब ड्राइवर से लेकर होटल के स्टाफ तक, आप इस दौरान कई लोगों से मिलते हैं। इन सभी के पास कई नई बातें होती हैं जो वो आपके साथ शेयर करते है। इनकी कहानियां और अनुभव सुनकर आप अपने डिप्रेशन से थोड़ी दूर जा सकते हैं।

    4. ज्यादा मेहनत करें और खुश रहें

    आप अपनी रोज की दिनचर्या से हटकर कुछ अलग करें। छुट्टियों पर घूमने जाएं और वहां ट्रेकिंग जैसी शारीरिक मेहनत करें। शारीरिक मेहनत करने से एंडोर्फिन हार्मोन निकलते हैं जो डिप्रेशन से जुड़ा हुआ होता है। इसलिए सफर पर निकले और क्लाइबिंग से लेकर राफ्टिंग करिए। इससे शरीर में आपको थकान महसूस होगी और आप खुश रहेंगे।

    5. ज्यादा ट्रैवल करें और आराम से सोएं

    डिप्रेशन का पहला लक्षण अनिद्रा होती है। ट्रैवल करने से आप अपनी डेली रूटीन जैसे मोबाइल, लैपटॉप से दूर होकर अपने साथ वक्त गुजारेंगे। आप भागकर बस या ट्रेन पकड़ते हैं फिर पूरे दिन नई जगह घूमकर थक जाते हैं।  दिन खत्म होने तक आप थक कर सोने चले जाते हैं। आपके शरीर की थकान आपको रात भर चैन की नींद सुलाएगी और इसके लिए आपको देर तक जागने या किसी भी दवा की जरूरत नहीं होगी।