उत्तराखंड के चार-धाम के कपाट होंगे शीतकाल के लिए बंद

उत्तराखंड का प्रमुख तीर्थ स्थल चार धाम के कपाट अब शीतकाल के लिए बंद किए जा रहे हैं। रविवार, 15 नवंबर को चारधामों में से एक गंगोत्री धाम के कपाट बंद कर दिए गए हैं। इस तीर्थ स्थल में इस साल लगभग 23 हज़ार लोगों ने दर्शन किए हैं। वहीं आज यानी सोमवार को दो अन्य धाम केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद कर दिए जाएंगे। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम् बोर्ड के मीडिया प्रभारी हरिश गौड़ ने बताया कि सोमवार की सुबह 8.30 बजे केदारनाथ और दोपहर 12.15 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि 19 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।

गोवर्धन पूजा के बाद बंद हुए गंगोत्री के कपाट-
गंगोत्री धाम के कपाट रविवार को गोवर्धन पूजा के बाद बंद किया गया था। यहाँ पहले अन्नकूट आयोजित किया गया था। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास मुखबा के लिए रवाना हुई।

22 नवंबर को मध्यमहेश्वर मेला-
डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार गुरुवार, 19 नवंबर की शाम 3.35 बजे बद्रीनाथ के कपाट बंद किए जाएंगे। द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर के कपाट भी 19 नवंबर को सुबह 7 बजे बंद होंगे। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 4 नवंबर को बंद हो चुके हैं। चतुर्थ केदार रूद्रनाथ जी के कपाट 17 अक्टूबर को ही बंद किए जा चुके हैं। वहीं इस साल मध्यमहेश्वरजी की उत्सव डोली 22 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। इसके अलावा इसी दिन श्री मध्यमहेश्वर मेला भी आयोजित किया जाएगा।