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    मुजफ्फरनगर: एक स्थानीय अदालत ने मुजफ्फरनगर जिले (Muzaffarnagar Riots) में 2013 के साम्प्रदायिक दंगों के दौरान धार्मिक द्वेष बढ़ाने और अन्य अपराध करने के छह आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। दंगों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उमेश, देवेंद्र, पिंटू, ललित कुमार, विनोद और अरविंद पर आईपीसी की धाराओं 153ए, 147, 392 और 436 के तहत मामले दर्ज किए थे।

    बचाव पक्ष के वकील चंद्र वीर सिंह ने बताया कि अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश निशांत देव ने सबूतों के अभाव में छह आरोपियों को बरी कर दिया।  एसआईटी ने दंगों के एक पीड़ित कसीमुद्दीन की शिकायत के आधार पर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।

    पीड़ित ने आरोप लगाया था कि दंगाई आठ सितंबर, 2013 को जिले में शामली कोतवाली के सिंभल्का गांव में उसके घर में घुसे और लूटपाट के बाद वहां आग लगा दी। इन साम्प्रदायिक दंगों में 60 से अधिक लोग मारे गए थे और 40,000 लोग विस्थापित हुए थे। (भाषा)