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    राजेश मिश्र

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार में बीते चार सालों में उद्योगों के मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में बीते चार सालों में 215 उद्योग (Industry) लग चुके हैं, जबकि जल्दी ही 132 और में उत्पादन की शुरुआत हो जाएगी। प्रदेश में लगे इन 215 उद्योगों में 51710.14 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है और 1.32 लाख लोगों को रोजगार (Jobs) मिला है।

    प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, नोएडा सहित राज्य के 46 जिलों में बड़े उद्योगपतियों ने अपने 215 उद्यम स्थापित कर उनमें उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा अब चंद महीनों में ही 37698.63 करोड़ रुपए का निवेश करके स्थापित किए जा रहे 132 उद्यमों में भी उत्पादन शुरू हो जाएगा। इन 132 उद्यमों में 2।16 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। बीते साढ़े तीन सालों में प्रदेश में देश व विदेश के बड़े -बड़े उद्योगपति 89408.82 करोड़ रुपए का निवेश कर उद्यम स्थापित कर रहे हैं।

    132 उद्यमों के निर्माण कार्य में भी तेजी आ गई 

    निर्माण क्षेत्र से संबंधित 62 उद्यमों की स्थापित कर उसमें 12378 लोगों को रोजगार दिया गया है और इनमें 4819.45 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की 16 यूनिटों में 23762.67 करोड़ रुपए का निवेश कर उसमें 61195 लोगों को रोजगार दिया गया है और टेलीकॉम सेक्टर में भी दो उद्यमों की स्थापना पर 15,000 करोड़ रुपए का निवेश कर उसमें दो हजार लोगों को रोजगार दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसी प्रकार 6 डिस्टिलरी, 7 टेक्सटाइल्स फैक्ट्री, दो चीनी मिल तथा एक डेयरी फैक्ट्री की स्थापना भी की गई है। इसके अलावा इन दिनों 37698.63 करोड़ रुपए का निवेश करके स्थापित किए जा रहे 132 उद्यमों के निर्माण कार्य में भी तेजी आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि चंद महीनों में उक्त 132 उद्यमों में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और इसी साल इन उद्यमों में उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। इन उद्योगों में भी सबसे अधिक 38 फैक्ट्री फूड प्रोसेसिंग से संबंधित हैं और उसके बाद 28 उद्यम मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित हैं।

    101 उद्यम फूड प्रोसेसिंग से संबंधित

    औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन 215 उद्यमों में उत्पादन शुरू हुआ है, इनमें सबसे अधिक 38 उद्यम गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में स्थापित किए गए हैं, जबकि लखनऊ में 20, गाजियाबाद में 14, मेरठ में 10, बाराबंकी में 9, कानपुर में 8, गोरखपुर तथा वाराणसी में 7-7, पीलीभीत, बदायूं  तथा हरदोई में 6-6, झांसी में 5, बस्ती, एटा, शाहजहांपुर, बिजनौर, बहराइच, संभल में 4-4, तथा कानपुर देहात, उन्नाव, अलीगढ़, हाथरस, सीतापुर, मैनपुरी, संतकबीर नगर में 3-3 तथा लखीमपुरखीरी, बरेली, फिरोजाबाद, मथुरा, गाजीपुर तथा बलरामपुर में 2-2  उद्यम स्थापित किए गए हैं। जबकि सुल्तानपुर, कन्नौज, हापुड़, रामपुर, श्रावस्ती, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, देवरिया, आगरा, चंदौली, बुलंदशहर तथा प्रयागराज में एक-एक उद्यम स्थापित किया गया है। जिन 215 उद्यमों में उत्पादन होने लगा है, उनमें सबसे अधिक 101 उद्यम फूड प्रोसेसिंग से संबंधित हैं। फूड प्रोसेसिंग की इन 101 यूनिटों की स्थापना में 4074।02 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। गौरतलब है कि फरवरी 2018 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में बड़े उद्योगपतियों ने प्रदेश में निवेश करने में रूचि दिखाते हुए 4।28 लाख करोड़ रुपए के 1045 निवेश प्रस्ताव सरकार को सौपे थे।