मुकुल माधव फाउंडेशन के मिशन से जुड़े यूपी सहित 24 राज्य, सम्मान संग दान, “गिव विथ डिग्निटी” का अनूठा अभियान

  • यूपी में लखनऊ मुकुल माधव फाउंडेशन के मिशन “गिव विथ डिग्निटी” कैंपेन को राज्यपाल,
  • आनंदीबेन पटेल ने हरी झंडी दिखा किया शुरुआत.

– राजेश मिश्र

लखनऊ: संकट के इस दौर में लोगों तक मदद पहुंचाने के मुकुल माधव फाउंडेशन के मिशन “गिव विथ डिग्निटी” को देश भर में समर्थन मिल रहा है. इस अभियान के साथ रविवार को उत्तर प्रदेश भी जुड़ गया है. महामारी के इस काल में अब तक मुकुल माधव फाउंडेशन की मदद 24 राज्यों के 70000 परिवारों सहित 2.8 लाख लोगों तक पहुंच चुकी है. मदद की सतत कोशिश के तहत यह अभियान अभी जारी है. 

इसी क्रम में रविवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, आनंदीबेन पटेल ने अपने सरकारी आवास से लखनऊ मुकुल माधव फाउंडेशन के मिशन “गिव विथ डिग्निटी” कैंपेन की शुरूवात को हरी झंडी दिखाया. एमएम फाउंडेशन ने स्थानीय आजीविकाओं में सहायता करने और अर्थव्यवस्था को सहयोग देने हेतु, देश भर के एमएसएमई और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (एसएचजी) से इन राशन किट्स के लिए स्थानीय रूप से उत्पाद मंगाये.

“गिव विथ डिग्निटी” कैंपेन को यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिखाया हरी झंडी, कहा कि आशा करती हूं कि कई अन्य संगठन इस पहल का अनुकरण करेंगे

लखनऊ मुकुल माधव फाउंडेशन के मिशन के शुरुआत पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ”यह कोविड-19 जैसे चुनौतीपूर्ण समय में लोगों और छोटे किसानों व स्थानीय व्यवसायों दोनों के लिए की जिम्मेदारीपूर्ण सहायता के लिए एक स्वागत-योग्य एवं अत्यावश्यक पहल है. मैं मुकुल माधव फाउंडेशन की आभारी हूं जिन्होंने लोगों और कोविड-19 के फ्रंटलाइन वॉरियर्स को राहत व सहायता प्रदान करने के लिए सभी सरकारी प्रयासों में लगातार अपना सहयोग दिया और मैं आशा करती हूं कि कई अन्य संगठन इस पहल का अनुकरण करेंगे.”

फाउंडेशन की प्रबंध न्यासी रीतू प्रकाश छाबडि़या ने कहा कि हमने लोगों और आवश्यकताओं के बीच की दूरी को समाप्त करने और आजीविका हेतु अवसर पैदा करने के लिए एक माध्यम के रूप में काम किया

मुकुल माधव फाउंडेशन की प्रबंध न्यासी रीतू प्रकाश छाबडि़या ने फाउंडेशन के बारे में बताते हुए कहा कि ”इस लॉकडाउन के दौरान, फाउंडेशन द्वारा इसके लाभार्थियों और लाभार्थियों द्वारा फाउंडेशन को पूरे दिल से सहयोग किया जा रहा है. हमने लोगों और आवश्यकताओं के बीच की दूरी को समाप्त करने और आजीविका हेतु अवसर पैदा करने के लिए एक माध्यम के रूप में काम किया है.

हमें अनेक कॉर्पोरेट्स, एमएनसी और समान सोच वाले साथियों से सहायता व प्रोत्साहन मिला है और हमने कई एसएचजी व एमएसएमई के साथ स्वयं को जोड़ा है. पूरे भारत को सहयोग देने का सपना इस पहल के जरिए स्पष्ट रूप से पूरा हुआ है. मैं पूरे गर्व और सम्मान की भावना के साथ फिनोलेक्स रिजनल मैनेजर्स, स्टेट हेड्स की समर्पित व कुशल टीम और पूरे भारत की टीम का उल्लेख करना चाहूंगी जिन्होंने इस कार्य के निष्पादन में उत्कृष्टता का परिचय दिया है.”

एमएम फाउंडेशन के काम को मिला केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी समर्थन, एमएसएमई और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के उत्पाद मंगाये एमएम फाउंडेशन ने स्थानीय आजीविकाओं में सहायता करने और अर्थव्यवस्था को सहयोग देने हेतु, देश भर के एमएसएमई और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (एसएचजी) से इन राशन किट्स के लिए स्थानीय रूप से उत्पाद मंगाये. 

फाउंडेशन के इस काम को सराहते हुए भारत सरकार के राज्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, जहाजरानी मंत्री और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने इस अच्छी भावना के साथ देश भर के छोटे और मध्यम पैमाने के उद्यमों को सहयोग की सोच का समर्थन किया. इस वैश्विक महामारी ने लोगों की वित्तीय स्थिरता, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित किया है और इसने असंख्य लोगों के दैनिक जीवन के कई अन्य आयामों को नकारात्मक तरीके से प्रभावित किया है. 

इस मुश्किल समय में राष्ट्र की सहायता करने के लिए, मुकुल माधव फाउंडेशन, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और छोटे व्यवसायों से अत्यावश्यक किराना सामानों की खरीदारी कर रहा है ताकि उन्हें वापस सामान्य स्थिति में लाने में मदद किया जा सके. इस प्रकार, बिल्कुल जमीनी स्तर पर स्थानीय समुदायों को भरपूर सहयोग दिया जा रहा है.

मुकुल माधव फाउंडेशन ने सहयोग से 24 राज्यों के 3,00,000 से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराने हेतु अपनी #GiveWithDignity पहल शुरू की अत्यंत दृढ़ता और लचीलेपन के साथ भारत को वापस अपने पैरों पर खड़ा होने में सहयोग देने हेतु, मुकुल माधव फाउंडेशन ने समान सोच वाले साथियों और दाताओं जैसे फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, केविनकेयर, मैरिको, हिंदुजा फाउंडेशन, नेस्ले, इंडोरामा, इंडसइंड बैंक व अन्य के साथ मिलकर इस त्यौहारी मौसम में 24 राज्यों के 3,00,000 से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराने हेतु अपनी #GiveWithDignity पहल शुरू की, ताकि उनमें उम्मीद जगाने के साथ उन्हें खुशहाली दी जा सके.  

 

मुकुल माधव फाउंडेशन ने कमजोर लोगों की सहायता के लिए शुरू किया अखिल भारत मिशन अभियान, मदद से कोई व्यक्ति छूटे न, किया सुनिश्चित  

पिछले 7 महीने से देश में वैश्विक महामारी, लॉकडाउन, मानवीय संकट, प्राकृतिक आपदाएं जैसे संकटों से देश गुजर रहा है. इस पूरे संकटकाल में मुकुल माधव फाउंडेशन जोकि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और जल एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में काम करने वाला पुणे स्थित गैर-सरकारी संगठन है, ने इस संकट से गुजर रहे राष्ट्र की सहायता के लिए आगे आया है. मुकुल माधव फाउंडेशन ने देश के सबसे कमजोर लोगों की सहायता के लिए एक अखिल भारत मिशन शुरू किया है.

जिसका उद्देश्य भारत के 24 राज्यों के 70,000 परिवारों के 2.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचकर उन्हें किराने का सामान एवं हाइजिन किट्स उपलब्ध कराना है जिससे चार सदस्यों वाला परिवार 21 दिनों तक अपना काम चला सके. साथ ही फाउंडेशन ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके इस काम में कोई भी व्यक्ति पीछे न छूट जाये.

मुकुल माधव फाउंडेशन ने पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र के अनेक विस्थापित परिवारों तथा साइक्लोन एम्फान, साइक्लोन निसर्ग और असम के बाढ़ प्रभावितों के राहत व पुनर्वास हेतु दिया सहयोग  

व्यापक महामारी, आर्थिक मंदी एवं बेरोजगारी जैसी विकट स्थितियों में, देश के अलग-अलग हिस्सों में कई प्राकृतिक आपादायें आयीं, जिनके चलते अभावग्रस्त समुदाय की स्थिति और अधिक दयनीय और असहाय जैसी हो गयी. पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र के अनेक विस्थापित परिवारों तक पहुंचकर, मुकुल माधव फाउंडेशन ने साइक्लोन एम्फान, साइक्लोन निसर्ग और असम के बाढ़ प्रभावितों के राहत व पुनर्वास हेतु अपना सहयोग दिया. परोपकार और समाज की सहायता की दृढ़ इच्छा के साथ, एमएमएफ ने पहले से मौजूद सभी स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, स्वच्छता और जल एवं संरक्षण प्रोग्राम्स से लगातार प्रयासों के जरिए सकारात्मक योगदान देना जारी रखा.  

जानिये क्या है मुकुल माधव फाउंडेशन

मुकुल माधव फाउंडेशन सामाजिक सरोकारों और जनसहयोग के लिए समर्पित एक संस्था है जिसकी स्थापना 1999 में एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में हुआ था. आज यह हेल्थकेयर, समाज कल्याण और शिक्षा में अपनी धर्मार्थ गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है. 2014 में फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज के साथ इसके सहयोग ने जल संरक्षण, सामाजिक कल्याण और स्वच्छता के क्षेत्र में एमएमएफ के काम के स्पेक्ट्रम को मजबूत और बढ़ाया है.

फाउंडेशन की ज़मीनी परियोजनाओं में से एक, पुणे के ससून जनरल अस्पताल में, नियो नटाल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) की 59 बेड की स्थिति का निर्माण करना था. एमएमएफ समाज में कम भाग्यशाली लोगों को चिकित्सा और वित्तीय सहायता प्रदान करता है जिन्हें विभिन्न सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता होती है.

यह फाउंडेशन शिक्षण संस्थानों को धन मुहैया कराता है और आर्थिक रूप से अक्षम छात्रों को उनकी फीस और जीवन यापन का खर्च भी देता है. 2010 में, मुकुल माधव विद्यालय गोलप गाँव, रत्नागिरी में एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोला गया. स्कूल ने एक गुणवत्ता, सभी दौर, समग्र शिक्षा को ग्रामीण रत्नागिरी के बच्चों के लिए एक वास्तविकता बनाने का सपना देखा है.

एमएम फाउंडेशन ने हजारों ग्रामीणों के जीवन को समृद्ध करते हुए ग्रामीण महाराष्ट्र और गुजरात में कई जल योजनाएं लागू की हैं. दी गई सहायता के प्रकार में नए कुओं की खुदाई, पुराने कुओं को पुनर्जीवित करना, बिजली के पंपों को स्थापित करना, और गांवों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति करना, साथ ही जल निस्पंदन इकाइयों और पानी के टैंकों को स्थापित करना शामिल है.

एमएम फाउंडेशन बॉम्बे चैरिटेबल एक्ट 1950 के तहत एक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत है. सभी दान 80जी प्रमाणपत्र के तहत आयकर से मुक्त हैं. अप्रैल 2012 में एमएमएफ ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट सर्टिफिकेट प्राप्त किया, जो इसे विदेशों से फंड प्राप्त करने में सक्षम बनाता है.