Chief shooter arrested for shooting at liquor baron's house in Chandigarh

    अलीगढ़: अलीगढ़ जिले में पिछले शुक्रवार को जहरीली शराब पीने से मरने वालों की तादाद रविवार को बढ़कर 25 हो गई। पुलिस ने इससे संबंधित मुकदमे में वांछित 12 में से अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा शराब के अवैध कारोबार में लिप्त छह अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं। 

    अलीगढ़ से भाजपा के सांसद ने जहरीली शराब पीने से कम से कम 35 लोगों के मरने का दावा किया है। उनका कहना है कि वह स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर यह दावा कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि शुक्रवार को जहरीली शराब से लोगों के मरने के शुरू हुए प्रकरण में रविवार को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापा मारकर पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। 

    नैथानी ने बताया कि पुलिस ने देर शाम मामले के एक प्रमुख अभियुक्त विपिन यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इस मामले में कुल 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था जिनमें से अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

    उन्होंने बताया कि पुलिस अब शनिवार को इस मामले में गिरफ्तार किए गए सरगना अनिल चौधरी के करीबी साथी ऋषि शर्मा की तलाश कर रही है। ऋषि के राजनीतिक लोगों से संबंध हैं और वह हाल ही में अपनी ग्राम पंचायत का सदस्य चुना गया है। 

    उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोग अनिल चौधरी, उसका करीबी सहयोगी विपिन यादव, नरेंद्र, अजय सिंह, गंगा सहाय, कपिल शर्मा, उसकी पत्नी रेनू शर्मा, विवेक कुमार, सोनू शर्मा, नीरज शर्मा और अजय चौधरी हैं। नैथानी ने बताया कि पुलिस ने पूरे जिले में अवैध रूप से बनाई गई शराब का कारोबार करने वाले लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 

    पुलिस ने रविवार को ही क्वारसी थानाक्षेत्र में कई स्थानों पर छापे मारकर पांच और लोगों को भी पकड़ा है। नैथानी ने बताया कि छापे की कार्यवाही के दौरान भारी मात्रा में अवैध रूप से निर्मित शराब बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि छापेमारी की यह कार्यवाही पूरी रात जारी रहेगी। 

    उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग और पुलिस द्वारा टप्पल थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में रविवार को संयुक्त रुप से की गई छापेमारी में मोनू श्रीचंद नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध रूप से निर्मित शराब के 243 पाउच बरामद किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मोनू अवैध रूप से शराब बनाने के कारोबार में शामिल है और वह दुकानों पर बेचने के लिए अपने घर में शराब भरे पाउच जमा कर रहा था। 

    उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम में ग्रामीण इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं और लोगों को एक हफ्ते पहले खरीदी गई शराब का इस्तेमाल करने से रोक रहे हैं। इस बीच, जिले के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बड़ी संख्या में रखे गए शव की तस्वीर लेने से मना किए जाने पर कुछ स्टाफ कर्मियों और मीडिया कर्मियों के बीच झड़प हो गई। 

    सूचना मिलने पर सांसद सतीश गौतम मौके पर पहुंचे। और उन्होंने नाराज मीडिया कर्मियों को समझा-बुझाकर शांत किया। उन्होंने कहा इस मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी। गौतम का दावा है कि जहरीली शराब पीने से कम से कम 35 लोगों की मौत हुई है उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर वह यह दावा कर रहे हैं। 

    आधिकारिक आंकड़ों और अनौपचारिक आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर होने के सवाल पर सांसद ने कहा कि “हम आज अधिकारियों से मिलेंगे और हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।” जहरीली शराब से मरने वाले जो मामले पहले दिन सिर्फ लोधा ब्लॉक तक सीमित थे अब जिले के अन्‍य ब्लॉकों तक फैल गए हैं। 

    उल्लेखनीय है कि शुक्रवार सुबह जिले के लोढ़ा थाना क्षेत्र में पुलिस को करसिया गांव में एक ठेके से खरीदी गई देसी शराब पीने से दो ट्रक चालकों की मौत हो होने की सूचना मिली थी। उसके बाद आसपास के भी कुछ गांवों में कुल छह लोगों ने भी शराब पीने के बाद दम तोड़ दिया थाा। उसके बाद से शराब पीने से लोगों के मरने की खबरें लगातार आ रही हैं। 

    घटना की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश पहले ही दे दिए गए हैं और पांच आबकारी कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा लोधा थानाध्यक्ष अभय कुमार शर्मा को भी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। 

    मामले की जांच अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने कहा है कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगा सकता है। जिलाधिकारी ने मरने वालों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की है। (एजेंसी)