Yamuna Expressway Industrial Development Authority

    लखनऊ. देश और विदेश के बड़े बड़े निवेशक (Big Investors) अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) (यीडा) में अपना उद्यम स्थापित करने को आतुर हैं। मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए तैयार करायी गई नीतियों से प्रभावित होकर ही दुनिया के बड़े बड़े निवेशकों ने यीडा में अपना उद्यम (Enterprise) स्थापित करने पर ध्यान लगाया हैं। बीते चार वर्षों में यीडा में अपना उद्यम स्थापित करने के लिए देश और विदेश के 1564 बड़े निवेशको का औद्योगिक प्लाट लेना इसका सबूत है। करीब 16,523.83 करोड़ रुपए का निवेश कर इन 1564 औद्योगिक प्लाटों पर स्थापित किए जाने वाले उद्यमों में 2,60,413 लोगों को रोजगार मिलेगा। यीडा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि महज चार साल में 16,523.83 करोड़ रुपए का निवेश धरातल पर उतर रहा है। इसके अलावा तमाम निवेशकों ने यहां अपनी यूनिट स्थापित करने में रुचि दिखाई  है।  

    3,908 बड़े निवेशकों ने यूपी में अपनी यूनिट (फैक्ट्री) लगाने के लिए औद्योगिक प्लाट लिए हैं

    अब यह चर्चा भी होने लगी है कि जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य तेज होते ही यीडा में अपना उद्यम स्थापित करने वाले निवेशकों की संख्या में इजाफा होगा। जिसके चलते दुनिया के बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के मामले में यीडा सूबे के अन्य औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को पीछे छोड़ देगा। बड़े निवेशकों के बीच शुरू हुई यह चर्चा में अकारण नहीं है। बीते चार वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से अलग-अलग सेक्टरों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को तैयार कराया, उसके चलते बड़ी संख्या में देशी – विदेशी कंपनियों ने अपनी यूनिट राज्य में लगाने की पहल की। औद्योगिक विकास के अधिकारियों के अनुसार बीते चार वर्षों में सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर 3,908 बड़े निवेशकों ने यूपी में अपनी यूनिट (फैक्ट्री) लगाने के लिए औद्योगिक प्लाट लिए हैं। इन 3,908 औद्योगिक प्लाट पर 61,330.98 करोड़ रुपए का निवेश कर फैक्ट्री लगाई जाएगी। सबसे अधिक 1564 फैक्ट्री यीडा में लगाई जानी हैं। इसके बाद 1035 यूनिट यूपीसीडा में, नोएडा विकास प्राधिकरण में 864 यूनिट , ग्रेटर नोएडा में 345 यूनिट और गीडा में 118 यूनिट स्थापित की जानी है।   

    इन निवेशको ने अपनी यूनिट की स्थापना का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है

    यीडा में जिन 1564 बड़े निवेशकों ने औद्यगिक प्लाट लिया हैं, उनमें से तमाम निवेशको ने अपनी यूनिट की स्थापना का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। विवो जैसी विख्यात कंपनी ने यीडा के सेक्टर 24 में मोबाइल फोन बनाने की अपनी फैक्ट्री करीब करीब बना ली है। अगले चार छह महीने में यहां उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। इसी प्रकार यिंगटोंग इलेक्ट्रानिक टेक्नोलॉजी की भी मोबाइल फोन एक्सेसरीज बनाने की यूनिट सेक्टर 24 में करीब – करीब तैयार हो गई है। इसके अलावा यीडा में सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी प्राइवेट लिमिटेड, हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड, होलोस्टिक इंडिया केंट आरओ, ओरिएंट फैशन एक्सपोर्ट, बॉडीकेयर इंटरनेशनल जैसी कई कंपनियां अपनी यूनिट लगा रही हैं। यहां इशी टेक्नोलॉजी, देव फार्मेसी, क्वालिटी बिल्टकॉन, मटेंड लिमिटेड, राज कारपोरशन, गेलवेनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बीकानेर, क्वाडरेंट, स्वास्तिक इंडस्ट्रीज, नर्सी मोंजी विश्वविद्यालय समेत दर्जनों बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटित कराई है। इसके अलावा यहां  प्रदेश की पहली कलेक्टर इंडस्ट्री की शुरुआत हुई है। यहां पर हैंडीक्राफ्ट पार्क, अपैरल पार्क, एमएसएमई पार्क और ट्वाय सिटी आदि विकसित की जानी हैं। नामी कंपनियों द्वारा लगाई जा रही यूनिटों के चलते यीडा अब अपने बीस साल के सफर में कई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    देश और विदेश के बड़े निवेशक यीडा में अपनी यूनिट लगाने के लिए आगे आने लगे

    जेवर एयरपोर्ट के बनने की वजह से भी यीडा में औद्योगिक विकास ने रफ्तार पकड़ी है। यहां फिल्म सिटी, राया हेरिटज सिटी, टप्पल लॉजिस्टिक हब समेत कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। दावा है कि 2023-24 तक ये परियोजनाएं शुरू हो जाएंगी। इनके पूरा होने से यीडा दुनिया भर में एक प्रमुख औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाने लगेगा। बीस साल पहले यीडा के बारे ऐसा सोचा भी नहीं गया था। यीडा का गठन वर्ष 2001 में हुआ था। वर्ष 2009 में यहां पर 21 हजार भूखंडों की आवासीय योजना आई थी। इसके बाद यहां पर औद्योगिक, व्यावसायिक, हाउसिंग सोसाइटी, आवासीय योजनाओं को लांच करने की रफ्तार काफी धीमी रही। जिसे अब फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं के चलते गति मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से जेवर एयरपोर्ट बनाए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। इसी के साथ यहां औद्योगिक निवेश को लाने पर ध्यान दिया गया और देखते ही देखते देश और विदेश के बड़े निवेशक यीडा में अपनी यूनिट लगाने के लिए आगे आने लगे। अब तो देश और विदेश के बड़े एक निवेशकों के लिए यीडा में अपनी यूनिट स्थापित करना स्टेट्स सिंबल बनता जा रहा है। इसकी एक वजह जेवर एयरपोर्ट तो है ही, इसके अलावा यहां आवागमन को बेहतर बनाने के लिए  ग्रेटर नोएडा से जेवर तक मेट्रो चलाने की योजना पर किया जा रहा काम भी है। इन सब के चलते ही यीडा ने अब आर्थिक मोर्चे पर पकड़ मजबूत कर ली है। कोरोना महामारी के बावजूद इस वित्तीय वर्ष में यीडा ने 2200 करोड़ से अधिक की कमाई की है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा 1198 करोड़ रुपये का था।