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लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditynath) ने राज्य में सरकारी डॉक्टरों (Governments Doctors) को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. जिसके तहत अब राज्य में डॉक्टरों को करीब 10 साल तक सरकारी नौकरी करना पड़ेगा। इस दौरान कोई बीच में नौकरी छोड़ता है तो उसे एक करोड़ रुपए जुर्माना देना पड़ेंगे।” शनिवार को जारी नए नियम के अनुसार सरकार अब अनापत्ति प्रमाण पत्र (No Objection Certificate) भी जारी नहीं करेगी।

 नीट परीक्षा में और मिलेगी छुट

सरकार द्वारा जारी नए नियम में नीट परीक्षा में छुट और नंबर देने का प्रावधान किया है। इसी के साथ डॉक्टर पीजी के साथ साथ डायरेक्ट डिप्लोमा कोर्स में भी दाखिला ले सकेंगे। 

ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना 

सरकार का यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सके। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा की हालत उतनी अच्छी नहीं है, शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण में हालत और बेकार है। 

ज्ञात हो कि राज्य में अभी तक डॉक्टरों को कितने ग्रामीण क्षेत्रों में दो साल तक नौकरी करना अनिवार्य था। जिसके तहत डॉक्टरों को एक साल तक नौकरी करने पर नीट में 10 अंक दिए जाते थे। वैसे ही दो साल के बाद 20 और तीन साल बाद 30 अंक देने का प्रावधान था।