YOGI-UP

    लखनऊ. कहते है न कि झूठ की पोल खुलते देर नहीं लगती। ऐसा ही कुछ हुआ जब उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के ‘चार साल में चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी’ देने के दावे के साथ। दरअसल उत्तरप्रदेश CM योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से बीते दिनों एक ट्वीट हुआ। जिसमे यह दावा किया गया था कि दावा था उत्तरप्रदेश के महाराजगंज के दुर्गेश चौधरी नाम के एक शख्स को लेखपाल की नौकरी से नवाजा गया है। उसमे तुर्रा यह की नौकरी के लिए सरकार को धन्यवाद ज्ञापन भी किया गया। इतना ही नहीं ट्वीट में एक वीडियो भी लगा था जिसमें खुद दुर्गेश चौधरी यह कहते दिखे कि किस तरह उन्हें यह बहुमूल्य सरकारी नौकरी मिली।

    इस सरकारी ‘झूठ’ की पोल उस समय खुलती नजर आयी जब बहुत से लोग वीडियो और ट्वीट पर सवाल उठाने लगे। सबसे अहम् सवाल ये था कि साल 2015 के बाद से जब लेखपाल पद के लिए कोई सरकारी वैकेंसी ही नहीं निकली तब उक्त दुर्गेश चौधरी को यह नौकरी मसीब कैसे हुई। आखिर इस दुर्गेश चौधरी का लेखपाल पद पर सलेक्शन कब और कैसे हुआ। जब इस पर विवाद बढ़ा तो उक्त ट्वीट डिलीट ही कर दिया गया। लेकिन खैर तब तक तो बात तीर से निकले कमान की तरह दूर तलक जा चुकी थी और विपक्ष ने तब तक योगी सरकार पर अपना निशाना साधना शुरू कर दिया था, जो अभी भी जारी है।

    क्या है मामला?

    दरअसल सत्ता गंवाने के बाद से ही मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी बार-बार सत्ताधारी बीजेपी पार्टी पर यह आरोप लगाती रही है कि CM योगी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं का क्रेडिट ले रहे हैं। लेकिन इस ट्वीट के जरिए अब मुख्यमंत्री योगी ने खुद ही इस बात को अब सच साबित कर दिया है। इधर यह बात सामने आते ही मुख्यमंत्री ऑफिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट को डिलीट कर दिया गया, लेकिन अब विपक्ष इस मामले में सरकार को घेर रहा है।

    योगी आदित्यनाथ के ऑफिस की ओर से जो ट्वीट किया गया उसमें कहा गया था कि, “सरकारी नौकरी हेतु आयोजित परीक्षाओं के समयबद्ध परिणामों एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को धन्यवाद ज्ञापित करते श्री दुर्गेश चौधरी जी। श्री दुर्गेश चौधरी जी की नियुक्ति राजस्व लेखपाल के पद पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है।”

    कई बड़े नेताओं ने उड़ाई योगी आदित्यनाथ की खिल्ली:

    जहाँ इस संबंध में समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने ट्वीट कर कहा कि, “समाजवादी पार्टी की सरकार में हुई लेखपाल भर्ती से दुर्गेश चौधरी का वीडियो बनवा कर योगी जी को धन्यवाद दिलवाना कोई मानवीय भूल नहीं एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है। मुख्यमंत्री जी छात्रों को भ्रमित करने के लिए माफी मांगें।”

    वहीं कांग्रेस की कद्दावर नेता प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि, “विज्ञापन की सरकार, झूठा सारा प्रचार, ट्विटर पर बांटे नौकरी, युवा को किया दरकिनार। योगीजी, ये जो पब्लिक है, सब जानती है। यूपी के युवाओं से 70 लाख नौकरियों का वादा था मगर लाखों भर्तियां खाली पड़ी हैं। युवा भर्तियों, परिणामों व ज्वाइनिंग का इंतजार करते-करते परेशान हैं।”

    इधर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी योगी सरकार पर तंज कसते हुए ट्वीट में लिखा, “भाजपा में ऊपर से लेकर नीचे तक झूठ बोलने वालों का जमावड़ा है। अब आदित्यनाथ जी को ही देख लीजिये एक नौजवान का फ़र्ज़ी वीडियो डाल दिया नौकरी देने का धन्यवाद भी ले लिया चारों तरफ थू-थू हुई तो वीडियो Delete करना पड़ा। क्या BJP को अब अपना नाम बदलकर “भारतीय झूठ्ठा पार्टी” रख लेना चाहिए?”

    ‘रोजगार दो’ हुआ था  ट्रेंड़ :

    विदित हो कि कुछ दिनों पहले ही ट्विटर पर देश के युवाओं ने रोज़गार को लेकर PM नरेन्द्र मोदी के खिलाफ एक महा मर्चा खोल दिया था। जहाँ उत्तर प्रदेश के नए नौजवान पहले से ही CM योगी से नौकरियों की गुहार लगा परेशान हैं,। वहीं कई बार सड़क पर प्रदर्शन तो कई बार सोशल मीडिया पर ‘रोजगार दो’ भी ट्रेंड़ करवा चुके हैं। लेकिन योगी आदित्यनाथ के ऑफिस की ओर से किये गए इस ट्वीट के चलते जहाँ उत्तरप्रदेश सरकार की खिल्ली तो उडी ही वहीं योगी सरकार खुद भी हाशियें पर कड़ी हो गयी है।