किसान विरोधी बिलों के खिलाफ कांग्रेसी सड़कों पर उतरे, लल्लू फिर हुए गिरफ्तार

  • प्रियंका का ट्वीट भाजपा सरकार अपने खरबपति मित्रों के लिए किसानों की MSP का हक छीनकर उन्हें बंधुआ खेती में धकेल रही.
  • प्रदेश के अन्य शहरों से भी कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं को नजरबंद व गिरफ्तार किये जाने की भी खबर.

– राजेश मिश्र

लखनऊ. संसद में हाल ही में पारित तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में सोमवार को हजारों की तादाद में कांग्रेसी सड़कों पर उतरे और जोरदार प्रदर्शन किया. राजधानी लखनऊ में  किसान बिल का जबरदस्त विरोध देखने को मिला और राजभवन घेरने जा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को सैकड़ों कार्यकर्त्ताओं व नेताओं के साथ गिरफ्तार किया गया. संसद में पारित बिलों को किसान विरोधी बताते हुए कांग्रेस ने सोमवार को राजभवन के घेराव का आह्वान किया था. बड़ी तादाद में राजभवन जाने के लिए जुटे कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया गया. राजधानी में परिवर्तन चौक से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को सैकड़ों कार्यकर्त्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया जबकि लखनऊ व आस – पास के शहरों व गावों से करीब 5000 नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू मोटरसाइकिल से संसद में पास हुए कृषि कानूनों का विरोध करने पहुंचे थे. जिसके बाद  प्रदीप कन्नौजिया, एनएसयूआई के राहुल मिश्र समेत कई अन्य नेता भी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए नारेबाजी करते रहे. कांग्रेस नेता आशीष अवस्थी समेत जगह जगह से कई हिरासत में, कई को घरों में ही नज़रबंद कर द‍िया गया. सेवादल के अनेक कार्यकर्ता परिवर्तन चौक के पास पुलिस हिरासत में लिए गए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया क‍ि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, हर आवाज को दबाया जा रहा है, दलितों और मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ गया है.

उधर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गाँधी ने भी ट्वीट करके भाजपा सरकार पर हमला बोला. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि “शहीद भगत सिंह ने कहा था कि शोषणकारी व्यवस्था पूंजीपतियों के फायदे के लिए किसानों मजदूरों का हक छीनती है. भाजपा सरकार अपने खरबपति मित्रों के लिए किसानों की MSP का हक छीनकर उन्हें बंधुआ खेती में धकेल रही है. किसान विरोधी बिलों के खिलाफ संघर्ष ही #भगत_सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि है.”

गौरतलब है कि किसानों के समर्थन में उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने तीन दिनों तक विरोध के कार्यक्रम का एलान किया था जसमें सोमवार को राजभवन मार्च भी शामिल था. कांग्रेस ने राजधानी में सोमवार को किसान विरोधी बिलों पर महा प्रदर्शन का आह्वान किया था. प्रदर्शन को रोकने के लिए सोमवार सुबह से जगह जगह कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया जबकि तमाम लोगों को घरों में नज़रबंद कर दिया गया. कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी को हाउस अरेस्ट किया गया. कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शहनवाज आलम को राजभवन के सामने से गिरफ्तार किया गया. लखनऊ कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान को सैकड़ों कार्यकर्त्ताओं के साथ हजरतगंज में हिरासत में ले लिया गया. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के मुताबिक अध्यक्ष अजय लल्लू को परिवर्तन चौक पर 1000 कार्यकर्त्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया तो करीब छह दर्जन नेताओं को घरों में नजरबंद किया गया. राजधानी के आसपास के जिलों से कूच कर रहे कांग्रेसियों को लखनऊ की सीमा पर रोका गया है और कुछ को गिरफ्तार भी किया गया. बाराबंकी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया के घर पर शाम से ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के आने और रुकने की जानकारी मिलने की भनक पुलिस को लगी जिसके बाद उनको घर में नजरबंद कर दिया गया.  

गिरफ्तार कर लखनऊ के ईको गार्डन में ले जाए गए कांग्रेसियों ने वहीं पर आंदोलन शुरु कर दिया और नारेबाजी करने लगे. अजय कुमरा लल्लू ने कहा कि योगी सरकार कांग्रेस के महाप्रदर्शन से डर गयी है और शांतिपूर्वक राजधानी आ रहे लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज उठाने से रोक रही भाजपा सरकार तानाशाही पर उतर आयी है. लल्लू ने कहा कि गोमतीनगर में अम्बेडकर पार्क के सामने पुलिस ने कई कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया है. उधर समाजवादी पार्टी से अलग हो बनी शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) ने भी सोमवार को बेरोजगारी  महंगाई को लेकर प्रदर्शन किया. प्रसपा ने व्यापारियो के उत्पीड़न का भी मामला उठाते हुए पार्टी कार्यालय से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए जुलूस निकाला. जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओ को रोकने के प्रयास में पुलिस कर्मियों से झड़प हुयी जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया.

इसके अलावा धरना प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं कांग्रेसी कार्यकताओं को अयोध्या हाईवे पर रोका गया. अहमदपुर टोल प्लाजा और मोहम्मदपुर चौकी पर भारी संख्या में पुलिस बल वाहनों की चैकिंग जारी रही. राजधानी लखनऊ समेत विभिन्न जिलों में भी कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद किया गया. वहीँ जिलों से कई जगह लखनऊ जा रहे कांग्रेसियों को हिरासत में भी लिया गया. पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को उत्‍तर प्रदेश पुलिस ने नजरबंद कर दिया है. उधर बाराबंकी से लखनऊ प्रदर्शन में आने वाले कांग्रसियों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया. राजधानी के कुर्सी रोड पर, लखनऊ सुल्तानपुर हाईवे पर छबील चौकी के पास, अयोध्या हाईवे पर चौपुला के पास लखनऊ जाने वाले हरेक वाहनों की जांच की गयी. अयोध्या हाईवे पर कई वाहनों से जा रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को सफदरगंज नवीन मण्डी में अघोषित रूप से हिरासत में लेकर कुछ घंटे बैठाए रखा गया. इसी प्रकार अन्य जगहों से भी कई नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर घरों पर सिपाही व दरोगा तैनात किये जाने की जानकारी मिली है.  

हरदोई से लखनऊ धरना प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेसियों की सुबह से ही धरपकड़शुरू हुई लेकिन इसके बावजूद कई कांग्रेसी पुलिस को चमका देकर निकलने में कामयाब रहे. कृषि बिल के विरोध में कांग्रेसियों के 28 सितंबर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन के ऐलान के बाद सुबह से ही पुलिस फोर्स सतर्क हो गई थी और कांग्रेसियों को घरों से ही उठा लिया गया था. इन सबके बावजूद कुछ कांग्रेसी नेता लखनऊ पहुंचने में कामयाब रहे. रायबरेली में भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व नेताओं को पुलिस द्वारा रोका गया.  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को लखनऊ में किसान विरोधी कानून का विरोध करने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने उनके घरों में ही कैद कर दिया. पार्टी के कोषाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने रात में पहुंचकर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाते हुए घर के मुख्य द्वार पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया.

इससे पहले मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने किसान बिल का विरोध करने वालों को किसान विरोध बताया है. उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया था, ये विधेयक उसी की कड़ी है. यह विधेयक किसानों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराएंगे और उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक अपने उत्पाद बेचने का विकल्प देते हैं. उन्होंने विधेयकों का विरोध करने वालों को “किसान विरोधी” करार दिया. उनका कहना था कि विपक्ष लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उन्हें सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि जिन लोगों ने किसानों का दोहन किया और प्रवासियों का उपहास किया, जो यह नहीं जानते कि गन्ना जमीन पर उगता है या पेड़ों पर, वे किसानों और श्रमिकों के लिए लड़ने का ढोंग कर रहे हैं.