rape

हाथरस/अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित सामूहिक बलात्कार की पीड़िता 19 साल की दलित युवती की हालत नाजुक है और वह प्रदेश के अलीगढ़ के एक अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रही है जहां उसे जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा गया है। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।

हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रम वीर ने बताया कि 14 सितंबर को हुये इस सामूहिक बलात्कार के चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि पीड़िता को अलीगढ़ के जे एन चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसे जीवन रक्षक उपकरण पर रखा गया है । इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हुये पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना वाले दिन लड़की अपनी मां के साथ खेत मे गयी थी और उसके तुरंत बाद वह गायब हो गयी ।

अधिकारी ने बताया कि बाद में वह बुरी तरह से घायल मिली थी, उसकी जीभ कटी हुयी थी, आरोपियों ने उसका गला घोंटने का प्रयास किया था । उन्होंने बताया कि प्रारंभ में उन्हें पता चला कि संदीप (20) ने उसे मारने का प्रयास किया, जिसके बाद उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया ।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि संदीप के अलावा रामू, लवकुश एवं रवि ने उसके साथ बलात्कार किया और जब उसने उनके इस कृत्य को रोकने की कोशिश की तो उनलोगों ने उसका गला घोंटने का प्रयास किया जिससे उसकी जीभ कट गयी ।

उन्होंने बताया कि बाद में लवकुश एवं रामू को भी गिरफ्तार कर लिया गया और चौथे आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया । इस बीच, अलीगढ़ से मिली रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िता की स्थिति बेहद ‘नाजुक’ है। जे एन चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया कि 14 सितंबर को सामूहिक बलात्कार का शिकार लड़की को अगले दिन अस्पताल लाया गया था । उसके गरदन में जख्म है और जीवन रक्षक उपकरण पर रखा गया है ।

हाथरस के अति​रिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार ने बताया कि शुरूआत में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया था लेकिन बाद में और जानकारी मिलने के बाद उनके खिलाफ धारा 376 डी (सामूहिक बलात्कार)भी लगाया गया ।

उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक अदालत में मामले की सुनवाई की कानूनी प्रक्रिया की भी शुरूआत की गयी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवराज जीवन ने मामले में हाथरस पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि स्थिति खराब होने के बाद पीड़िता को अलीगढ़ अस्पताल में भेजा गया ।

पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मुलाकात के बाद जीवन ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है । उन्होंने पीड़िता के परिवार को तत्काल सुरक्षा एवं 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिये जाने की मांग की । (एजेंसी)