housing and development council up

    राजेश मिश्र

    लखनऊ. रियल एस्टेट के ठंडे बाजार के बीच खाली पड़ी संपत्तियों की बिक्री के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने कीमतों में कमी लाने का फैसला किया है। आवास विकास परिषद के कीमतों में कमी लाने के फैसले के चलते दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों को राहत मिलेगी।आवास विकास परिषद के अकेले एनसीआर (NCR) में ही 10000 से ज्यादा मकान बिना बिके हुए खड़े हैं। अब अपने घर का सपना देख रहे लोगों को गाजियाबाद (Ghaziabad) और मेरठ (Meerut) से लेकर लखनऊ (Lucknow) तक में सस्ते फ्लैट (Flat) खरीदने का मौका मिलेगा। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद अपनी विभिन्न योजनाओं में खाली पड़े मकानों की कीमतें 25 फीसदी तक कम करेगा। इस फैसले के बाद गाजियाबाद, मेरठ और आगरा में हजारों की तादाद में खाली पड़े मकानों के बिकने का रास्ता साफ हो जाएगा।

    गौरतलब है कि आवास विकास परिषद के प्रदेशभर में कुल 10,556 लैट रिक्त हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा 4866 फ्लैट गाजियाबाद के मंडोला और सिद्धार्थविहार तो मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन में 1498 फ्लैट खाली हैं। इसके आलावा परिषद की सिकंदरा योजना आगरा  में भी  74 फ्लैट खाली हैं। एनसीआर और आगरा के अलावा राजधानी लखनऊ में भी आवास विकास परिषद के 300 से ज्यादा फ्लैट खाली पड़े हैं। हालांकि हाल ही में परिषद ने इन फ्लैटों की बिक्री के लिए आवेदन मांगे थे।

    परिषद की बड़ी रकम फंसी

    इन फ्लैटों के न बिक पाने की वजह से परिषद की बड़ी रकम फंसी हुई है। आवास विकास परिषद के अनबिके फ्लैटों के चलते काफी धनराशि फंसी हुई है और उसे नई योजनाओं के लिए जमीन खरीदने से लेकर विकास के लिए धन की कमी आड़े आ रही है। दिल्ली एनसीआर में खाली पड़ी संपत्तियों को बेंचने के लिए कीमतें कम करने का प्रस्ताव पहले भी आवास विकास ने बोर्ड के सामने बाई सर्कुलेशन के जरिए पारित कराने का प्रयास किया था। अब इसे बोर्ड की पूरी बैठक में रखा गया है। इससे पहले कोरोना काल में आवास विकास परिषद ने खाली संपत्तियों को बेंचने के लिए जीएसटी में छूट सहित कई और सहूलियतें भी दी थीं। 

    गाजियाबाद क्षेत्र में 25 फीसदी सस्ते फ्लैट के दाम

    इस बार आवास विकास परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक, गाजियाबाद क्षेत्र में मंहगे 70 लाख रुपए के फ्लैट 25 फीसदी सस्ते होने के बाद 52.50 लाख रुपए में मिलेंगे। इससे पहले कीमतें ज्यादा होने के चलते गाजियाबाद, मेरठ और आगरा में आवास विकास के फ्लैट खरीदने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे थे। कीमतें कम होने के बाद इनकी बिक्री में आसानी होगी।