Acid Attack, Arrested, Encounter

गोंडा/लखनऊ (उप्र). गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र में सोमवार देर रात घर की छत पर सो रही एक दलित किशोरी पर तेजाब से हमला किया गया। उसके साथ सो रही उसकी दो बहनें भी इस घटना में झुलस गईं। मामले के आरोपी युवक को देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इसे एकतरफा प्रेम प्रसंग को लेकर हुई घटना बता रही है। वहीं, विपक्ष ने इस घटना को लेकर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला किया है।

पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को बताया कि परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव में सोमवार की रात अपने घर की छत पर तीन नाबालिग लड़कियां सो रही थीं। तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने बड़ी लड़की खुशबू (17) पर निशाना लगाते हुए तेजाब फेंक दिया, जिससे वह करीब तीस फीसद झुलस गई।

पाण्डेय ने बताया कि इस घटना में खुशबू के पास ही सो रहीं उसकी दो छोटी बहनों-कोमल (सात) और मुस्कान (पांच) पर भी तेजाब गिरा, जिससे वे दोनों झुलस गईं। तीनों को आनन-फानन में उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। उनकी हालत खतरे से बाहर है।

पाण्डेय ने बताया कि इस मामले में पसका गांव के ही रहने वाले आशीष नामक युवक को देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में पता लगा है कि पसका गांव का ही रहने वाला आशीष नामक लड़का खुशबू से एकतरफा प्रेम करता था। पूछताछ के दौरान पीड़ित बालिका ने बताया कि आशीष उसे पिछले कुछ दिनों से परेशान कर रहा था। वह उस पर बातचीत करने का दबाव डाल रहा था।

इस बीच, बसपा मुखिया मायावती ने इस घटना पर राज्य सरकार को घेरते हुए एक ट्वीट में कहा, “भू-माफियाओं द्वारा पुजारी की हत्या के प्रयास के बाद उत्तर प्रदेश के गोण्डा में ही सोते समय तीन दलित बहनों पर एसिड डालकर जलाने का प्रयास अति-दुःखद व शर्मनाक है। यूपी में कानून-व्यवस्था का इतना बिगड़ जाना बड़ी चिन्ता की बात है। आखिर यूपी में हर प्रकार का अपराध सर चढ़कर क्यों बोल रहा है?”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस घटना के बारे में ट्वीट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के प्रति अपराध करने वाले लोगों को संरक्षण देने और उन्हें न्यायसंगत ठहराने के राजनीतिक रूप से प्रेरित रवैये की वजह से ऐसे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।

इस बीच, जिलाधिकारी नितिन बंसल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जख्मी बालिका को रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। विवेचना के दौरान अगर उसकी बहनों पर भी जानबूझकर हमला किया जाना साबित होता है, तो उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। (एजेंसी)