Chandrashekhar Azad

अलीगढ़/हाथरस/लखनऊ. उत्तर प्रदेश में हाथरस जिले के चंदपा क्षेत्र में एक दलित लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को लेकर रविवार को सियासत गर्म हो गई। भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पुलिस को चकमा देकर अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज पहुंच गए, जहां पड़ोस के जिले हाथरस में कथित तौर पर बलात्कार की शिकार हुई दलित लड़की भर्ती है। उसकी हालत चिंताजनक बताई जाती है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को खरी-खोटी सुनाई। दलित वोटों की राजनीति करने वाले संगठन भीम आर्मी के अध्यक्ष आजाद ने अस्पताल में संवाददाताओं को बताया कि वह अपनी ‘बीमार बहन’ को देखने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया, ऐसे में वह पुलिस से नजर बचाकर पहले मोटरसाइकिल और बाद में साइकिल से अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक चंद्रशेखर अचानक अस्पताल पहुंचे तो पुलिस तथा भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के बीच खासी कहा-सुनी हुई। यातायात पुलिस अधीक्षक सतीश चंद्र ने संवाददाताओं को बताया कि गभाना टोल बूथ के पास भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम करने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से कुछ ही देर में यातायात सामान्य हो गया था।

दलित युवती से सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद उससे मुलाकात के लिए चंद्रशेखर आजाद के अलीगढ़ पहुंचने के कार्यक्रम संबंधी खबरें सोशल मीडिया पर चल रही थीं। रविवार को उनके अलीगढ़ पहुंचने की सूचना पर अलीगढ़-बुलंदशहर की सीमा पर खुर्जा के नजदीक व्यापक पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

चंद्रशेखर के काफिले को गभाना टोल बूथ के पास रोक लिया गया मगर वह पुलिस से नजर बचाकर अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। इसके पूर्व, बसपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने हाथरस में एक लड़की से हुई दरिंदगी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने पर ध्यान देने की मांग की।

मायावती ने ट्वीट किया, ” उत्तर प्रदेश क हाथरस जिले में एक दलित लड़की को पहले बुरी तरह से पीटा गया, फिर उसके साथ गैंगरेप किया गया, जो अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय है, अन्य समाज की बहन-बेटियाँ भी अब यहाँ प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं। सरकार इस ओर जरूर ध्यान दे। बसपा की यह माँग है।”

इस बीच, कभी बलात्कार पीड़िता के पिता ने कहा है कि वह अपनी बेटी के इलाज से पूरी तरह संतुष्ट हैं और फिलहाल उसे दिल्ली स्थित एम्स में नहीं ले जाना चाहते तथा जब उन्हें जरूरत लगेगी तो वह प्रशासन को बताएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब बेहतर महसूस कर रही है।

हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने कहा कि चंदपा के थाना अध्यक्ष डीके वर्मा को पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा इलाके में एहतियातन पीएसी तैनात कर दी गई है।

गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 19 साल की एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक विक्रांतवीर के मुताबिक लड़की ने अपने साथ बलात्कार की वारदात के बारे में पुलिस को पहले कुछ नहीं बताया था मगर बाद में मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में उसने आरोप लगाया कि संदीप, रामू, लव कुश और रवि नामक युवकों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया था। विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश करते हुए उसका गला दबाया। (एजेंसी)