Ayodhya Railway Station

लखनऊ. अयोध्या को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अनेकों पहल की है। जल्द ही अयोध्या नगरी वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर अतुल्य होगी। देश दुनिया से वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर अमिट छाप छोड़ने के लिए भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर, श्री राम की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, वैदिक और आधुनिक सिटी के समन्वित मॉडल के रूप में नव्य अयोध्या के अलावा और भी बहुत कुछ होगा।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अयोध्या की विकास परियोजनाओं के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार ने खजाना खोल दिया है। अयोध्या आने वाली रेलवे लाइन के दोहरीकरण के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुसार रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण का काम जल्द आरंभ होगा।

अयोध्या से सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 330 से एयरपोर्ट तक 18.75 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन की सड़क का निर्माण होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अयोध्या धाम से बाईपास के लिए सोहावल से विक्रमजोत तक का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से रायबरेली से अयोध्या तक चार लेन की सड़क के चौड़ीकरण का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा।

पिछले दिनों पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि अयोध्या को पर्यटन के लिहाज से वैश्विक सिटी बनाने के लिए उसी के अनुरूप सलाहकार का चयन करें।

सरयू की अविरलता और निर्मलता बरकरार रखने के लिए वहां आधुनिकतम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाएं। प्रवक्ता के मुताबिक अयोध्या में करीब 242 लाख रुपये की लागत से दशरथ महल, सत्संग भवन, यात्री सहायता केंद्र और रैनबसेरा का निर्माण कार्य चल रहा है। 524 लाख रुपये की लगात से ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 197 लाख रुपये की लागत से पंचकोशी परिक्रमा मार्ग पर छाजन, दिगंबर अखाड़ा में 288 लाख रुपये की लागत से बहुछदेश्यीय हॉल का निर्माण होना है।

इसके अलावा भजन संध्या स्थल, रामकथा पार्क का विस्तारीकरण, रामकथा गैलरी, आधुनिक बस स्टैंड, मल्टी लेवल पार्किंग, रामकी पैड़ी का सौंदर्यीकरण, सड़क और फुटपाथों का नवीनीकरण, हनुमानगढ़ी-कनक भवन मार्ग का नवीनीकरण, लक्ष्मण किला घाट का विकास, गुफ्तार घाट का सौंदर्यीकरण, राम की पैड़ी पर पंप हाउस, अंतरराष्ट्रीय रामलीला केंद्र आदि का निर्माण जल्द शुरू करने की योजना है। (एजेंसी)